राष्ट्रीय

03-Sep-2020 4:21 PM 8

लखनऊ, 3 सितंबर (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया है। प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने आईएएनएस को बताया कि उनके गले में दिक्कत और हल्का बुखार होंने के चलते अपना कोरोना टेस्ट करवाया था, जिसकी रिपोर्ट पजिटिव आई है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब रीता बहुगुणा जोशी को लखनऊ के एसजीपीजीआई में भर्ती किया गया है।

गौरतलब है कि योगी सरकार के कई मंत्री भी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। कैबिनेट मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह, सतीश महाना, भूपेन्द्र चौधरी, डा़ धर्मेश, मंत्री मोहसिन रजा की भी कोरोना रिपोर्ट पजिटिव आ चुकी है। वहीं वायरस के कारण सरकार के दो मंत्री कमल रानी वरुण और चेतन चौहान अपनी जान गंवा चुके हैं।


03-Sep-2020 3:14 PM 23

जांच एजेंसी की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा... 

शिवराज सरकार के लिए प्रदेश की जनता बकरी, घोड़े, भेड़, गाय, भैंस और मुर्गी के समान है! कोरोना त्रासदी के दौर में प्रदेश में जानवरों के खाने लायक अनाज गरीबों को बांटा गया। क्या प्रदेश की शिवराज ने गरीबों, दलितों, आदिवासियों को पशु ही समझ लिया है ? क्या विधायक तोडक़र सरकार बनाने के फॉर्मूले के बाद जनता की जरुरत नहीं भाजपा को ?

पंकज मुकाती 
(राजनीतिक विश्लेषक)

इंदौर, 3 सितंबर। धर्मवीर भारती के उपन्यास का शीर्षक ‘गुनाहों का देवता’ आज शिवराज सरकार पर भी एक दम फिट बैठ रहा है। मध्यप्रदेश में हजारों परिवारों को जानवरों के खाने से भी बदतर राशन बांटने का मामला सामने आया है। कोरोना संक्रमण के दौर में मध्यप्रदेश के बालाघाट, सिवनी, मंडला में गरीब परिवारों को जो अनाज बांटा गया वो जानवरों के खाने लायक भी नहीं है। कुत्ते और बकरी भी ऐसे गेंहू से बनी रोटियां नहीं खा रहे। पुराने, खराब अनाज को ठिकाने लगाकर सरकार ने आपदा को अवसर में बदल लिया। खराब अनाज की आपूर्ति अप्रैल से जुलाई के बीच हुई।

केंद्रीय जांच टीम की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ। टीम ने 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच बालाघाट और मंडला के गोदामों से 32 सैंपल लिए। दिल्ली की लैब में इन सैंपलों की जांच में जो सामने आया वो मानवता के लिए शर्मनाक है। जो गेंहू और चावल गरीबों को बांटा गया, वो पशुओं के खाने लायक था। रिपोर्ट के मुताबिक ये अनाज बकरी, भेड़, घोड़े, गाय, भैंस और मुर्गियों के खाने लायक है। तो क्या प्रदेश सरकार गरीबों को पशु मानती है ?

जिन इलाकों में ये अनाज बांटा गया उसमें बड़ी आबादी दलित और आदिवासी समुदाय की है। क्या सरकार ने दलित और आदिवासी समुदाय पर ध्यान देना बिलकुल छोड़ दिया है। प्रदेश में हाल के कुछ महीनो में दलितों के साथ सरकारी कू्ररता के कई मामले सामने आये हैं। प्रदेश के बड़े राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब आप विधायक तोडक़र सरकार बनाने का फॉर्मूला अपना लेते हैं, तो शायद आपको जनता की जरूरत महसूस नहीं होती। दूसरा शिवराज सरकार सिंधिया और भाजपा में ही इतनी उलझ चुकी है कि जनता के मुद्दों के लिए उसके पास वक्त नहीं है।

जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अभी भी गोदामों में जो अनाज है वो करीब 6200 परिवारों को बांटा जाना था। बालाघाट के लोगों का कहना है कि इस अनाज में से बदबू आ रही है। केरोसिन मिला अनाज मिलने की भी जानकारी सामने आई है। लोगों ने बताया कि बदबू इतनी थी कि जानवरों ने भी इसे देखकर मुंह मोड़ लिया।

आखिर इस तरह के भ्रष्टाचार प्रदेश में कैसे बिना सरकार की सरपरस्ती के चल सकते हैं। या तो सरकार के मंत्री तक इसका हिस्सा है, या शिवराज और उनके मंत्रियों की अफसरशाही पर पकड़ नहीं रह गई।

रिपोर्ट के मुताबिक कुल 34 लाख 80 हजार किलो चावल ऐसा है जो बकरी, भेड़ और घोड़े को खिलाने लायक है। इसी तरह एक लाख 13 हजार किलो अनाज ऐसा है जो सिर्फ गाय और भैंस को खिलाया जा सकता है। 28 हजार किलो अनाज ऐसा है जो मुर्गियों को दाना खिलाने के काम आ सकता है।

ये सिर्फ दो गोदामों के सैंपल की कहानी है पता नहीं पूरे प्रदेश में इस कोरोना के संक्रमण के दौर में जनता को कितना घटिया अनाज ये सरकार बांट चुकी होगी।

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के साथ इस तरह की पशुता वाली हरकत के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। साथ ही खाद्य और आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह से इस्तीफा भी लेना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि शिवराज सरकार सिर्फ अपने खरीदे विधायकों के सौदे की वसूली में लगी है उसे जनता की कोई फिक्र नहीं। (politicswala.com)


03-Sep-2020 2:53 PM 47

पटना, 3 सितंबर (आईएएनएस)| बिहार के रहने वाले बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में न्याय को लेकर बिहार के अलावे देश के कई अन्य क्षेत्रों में मांग उठ रही है। इसी को लेकर सुशांत के गृहराज्य बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर भी गुरुवार को पोस्टर और बैनर लगे हैं, जिसमें न्याय की मांग की गई है। पटना के अतिव्यस्तम इलाके एग्जीबिशन रोड पर लगे एक बड़े पोस्टर में एक कविता लिखकर सुशांत के लिए न्याय की मांग की गई है। 

पोस्टर में लिखी कविता में कहा गया है, वो गुलशन है। दिल में प्यार का शमां बांधे। वो दिलों का तरंग है। वो गुलशन है।" 

13 पंक्ति वाले इस कविता में सुशांत के जीवन का चित्रण किया गया है। 

दरअसल, सुशांत के घर (पुकारू) का नाम गुलशन था और यहां राजीवनगर के अधिकांश लोग उसे गुलशन कह कर ही पुकारते थे। 

पोस्टर के सबसे नीचे 'जस्टिस फ ॉर सुशांत सिंह राजपूत' लिखा हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि पटना के रहने वाले सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके मंबई स्थित फ्लैट में 14 जून को बरामद किया गया था। इसके बाद इस मामले की जांच मुंबई पुलिस ने शुरू की। जुलाई महीने में सुशांत के पिता के. के. सिंह ने पटना के राजीवनगर में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 

बाद में बिहार सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सीबीआई से अनुशंसा कर दी थी। फि लहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।


03-Sep-2020 2:31 PM 11

बरेली (उप्र), 3 सितंबर (आईएएनएस)| सीबी गंज थानाक्षेत्र में पड़ने वाले सर्वोदय नगर में फोटो स्टूडियो के लिए घर से निकली एक नाबालिग लड़की का बुधवार को कथित रूप से अपहरण कर चार युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने की घटना सामने आई है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दो की तलाश पुलिस कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, किशोरी एक फोटो स्टूडियो में अपने स्कूल के फॉर्म के लिए तस्वीर खिंचवाने जा रही थी, तभी उसे चार लड़कों ने उठा लिया और एकांत जगह पर ले गए जहां उन्होंने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

11वीं कक्षा की छात्रा पीड़ित किशोरी ने चारों आरोपियों की पहचान अपने पड़ोसियों के रूप में की है।

किशोरी की आरोपियों ने लोहे की रॉड से पिटाई भी की और फोन में अपनी घटना को कैद भी किया।

इसके साथ ही घटना की सूचना किसी को भी देने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

हालांकि, जब लड़की घर लौटी तो उसने अपने पिता को घटना की जानकारी दी और वह किशोरी को पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज कराने के लिए ले गए।

एसपी (सिटी) ने कहा कि आईपीसी की संबंधित धाराओं और पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और बाकी दो आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लड़की को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।


03-Sep-2020 2:18 PM 14

नवनीत मिश्र

नई दिल्ली, 3 सितम्बर (आईएएनएस)| राजधानी दिल्ली में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों के बढ़ने पर केंद्र सरकार ने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें चार माह से बंद चल रहीं सभी मंत्रालयों की कैंटीनों को फिर से खोलने का निर्देश दिया गया था। 28 अगस्त को जारी आदेश को वापस लेते हुए केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को अग्रिम आदेशों तक कैंटीनों को बंद रखने का आदेश दिया है। कार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि दिल्ली में कोरोना का खतरा बरकरार है। मामले फिर से बढ़ने शुरू हुए हैं। ऐसे में एहतियातन सभी कैंटीन को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 28 अगस्त के आदेश को वापस ले लिया गया है। दरअसल, कोरोना के खतरे को देखते हुए 20 अप्रैल से केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की कैंटीनें बंद चल रहीं हैं। दिल्ली में कोरोना को काबू में होता देखकर चार महीने बाद इन कैंटीनों को फिर से खोलने की योजना बनाई गई थी। कार्मिक मंत्रालय ने बीते 28 अगस्त को सभी मंत्रालयों को इन कैंटीनों को खोले जाने की अनुमति वाला एक आर्डर भी जारी किया था। 

28 अगस्त के आदेश में कहा गया था, प्रतिबंधित गतिविधियों को धीरे-धीरे शुरू करने की अनुमति मिल रही है। ऐसे में दिल्ली में मंत्रालयों की कैंटीनों को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। लेकिन, इसके लिए गृहमंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेशों का कड़ाई से पालन करना होगा। सभी कर्मचारियों को डिस्ट्रिब्यूशन और सेल काउंटर पर सोशल डिस्टैंसिंग के साथ सभी प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। 28 अगस्त को जारी इस आदेश के तहत सोमवार यानी 31 अगस्त से डिपार्टमेंटल कैंटीनों को खोलने की तैयारी थी।

लेकिन, पिछले दो महीने में दिल्ली में काबू में दिख रहे कोरोना के मामले अचानक बढ़ने लगे। 30 अगस्त को जहां 2024 केस आए तो एक सितंबर को कोरोना संक्रमण के 2312 मामले आए। कार्मिक मंत्रालय ने इसे देखते हुए कैंटीनों को खोलने के संबंध में एक सितंबर को नया आदेश जारी करते हुए 28 अगस्त के पुराने आदेश को वापस लिया। आईएएनएस के पास मौजूद कार्मिक मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी उमेश कुमार भाटिया की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, यह कहने का निर्देश प्राप्त हुआ है कि 28 अगस्त को कैंटीनों को फिर से खोलने का आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जााता है। कैंटीनें अग्रिम आदेशों तक बंद रहेंगी। 


03-Sep-2020 2:14 PM 11

नई दिल्ली, 3 सितंबर (वार्ता)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के प्रमुखों के साथ एक मंथन बैठक करेंगी।

सुश्री सीतारमण की इस बैठक का उद्देश्य कोविड-19 से जुड़े वित्तीय दबाव के समाधान के लिए एक बार ऋण पुनर्गठन योजना का सुचारू तरीके से और तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

बैठक में 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

यह बैठक इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि 31 अगस्त को मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो रही है। उम्मीद है बैठक में इसे और कई अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा हो सकती है।

लॉकडाउन लगाने के बाद सरकार ने कोरोना संकट काल के दौरान कारोबारियों से लेकर आम आदमी तक के लिए कई राहतों का ऐलान किया था।


03-Sep-2020 2:13 PM 46

नई दिल्ली, 3 सितंबर। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन में जारी तनाव के बीच सेना प्रमुख एमएम नरवणे गुरुवार सुबह लद्दाख पहुंचे. यहां उन्होंने साउथ पैंगोंग समेत अन्य जगहों पर ताजा हालात का जायजा लिया। सूत्रों ने कहा कि पूर्वी लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर सेना प्रमुख नरवणे को शीर्ष कमांडर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगे।

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पूर्वी लद्दाख में स्थिति की व्यापक समीक्षा की थी। इस सिलसिले में चली बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया सहित अन्य शामिल हुए थे।

बताया गया था कि लगभग दो घंटे चली बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपना आक्रामक रुख जारी रखेगी, ताकि चीन के किसी भी दुस्साहस से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

वहीं चीन की ‘उकसाने वाली कार्रवाई’ को नाकाम करने के कुछ दिनों बाद भारत ने पैंगोंग सो इलाके के दक्षिणी तट पर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कम से तीन पर्वत चोटियों पर अपनी उपस्थिति और मजबूत की है. सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय सीमा के अंदर पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर भी एहतियाती उपायों के तहत सैनिकों की तैनाती में कुछ बदलाव किए गए हैं। इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि तनाव घटाने के लिये दोनों पक्षों के सेना कमांडरों की बुधवार को हुई एक और दौर की वार्ता बेनतीजा रही। यह बातचीत करीब सात घंटे चली। सूत्रों ने यह भी बताया कि सोमवार और मंगलवार को छह घंटे से अधिक समय तक इसी तरह की वार्ता हुई, लेकिन कोई ‘ठोस नतीजा’ नहीं निकला उन्होंने बताया कि भारत ने पूर्वी लद्दाख में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कई पर्वत चोटियों और स्थानों पर उपस्थिति बढ़ा कर पिछले कुछ दिनों में रणनीतिक बढ़त हासिल की है। (hindi.news18)


03-Sep-2020 2:12 PM 18

नई दिल्ली, 3 सितंबर। हेट स्पीच मामले में बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के आरोपों में फेसबुक ने बीजेपी विधायक पर कार्रवाई की है। फेसबुक ने तेलंगाना से बीजेपी विधायक टी राजा सिंह को बैन कर दिया है। नफरत और हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री को लेकर फेसबुक की नीति का उल्लंघन करने पर बीजेपी नेता को बैन किया गया है। फेसबुक के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। (khabar.ndtv.com)


03-Sep-2020 2:12 PM 13

सिंगरौली, 3 सितंबर (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और शव को जमीन में मिटटी से दबा दिया। आशंका बलि दिए जाने की जताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बैढ़न थाना क्षेत्र के बसौड़ा गांव में बृजेश जाटव ने बुधवार रात पत्नी बिटटी बाई की पिटाई की और गर्दन काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को मिटटी में दबा दिया। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बृजेश को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ जारी है। 

बैढ़न के थाना प्रभारी अरुण पांडे ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा हुआ लग रहा है। फि र भी जांच के बाद ही वास्तविकता का पता चल सकेगा, क्योंकि आरोपी पत्नी के चरित्र से जुड़ी बात कह रहा है। 

वहीं बृजेश के बेटे सुरेश का कहना है कि रात को वह सो रहा था और मां की आवाज सुनकर आया, उसने देखा कि पिता मां की पिटाई कर रहा है। उसने पिता को रोकने की कोशिश की जिस पर उसे भी जान से मारने की धमकी दी गई। इससे घबराकर वह घर से बाहर निकला और चिल्लाने लगा, पड़ोसी आए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

बताया जा रहा है कि बृजेश पिछले कुछ दिनों से पूजा अर्चना कर रहा था। आशंका इस बात की जताई जा रही है कि बृजेश ने कुलदेवता को प्रसन्न करने के लिए कथित तौर पर बलि दी है।


03-Sep-2020 2:09 PM 11

-टू-वे वीसी की सुविधा, सर्वे भी इसी से कराने का प्लान

नई दिल्ली, 3 सितंबर। बिहार चुनाव के पहले राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। जेडीयूलाइवडॉट कॉम नाम के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की जा रही है। इस प्लेटफॉर्म की की मददा से बड़ी वर्चुअल रैलियों से लेकर छोटी सार्वजनिक एवं प्राइवेट वीडियो मीटिंग तक सब किया जा सकता है। नीतीश कुमार, 7 सितंबर को अपनी पहली वर्चुअल चुनावी रैली ‘निश्चय संवाद’ को इसी प्लेटफॉर्म से संबोधित करेंगे। राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बतया कि बिहार के एक आईआईटीयन की टीम ने भारत में अपनी तरह का पहला राजनीतिक डिजिटल मंच तैयार किया है।

यह ‘मेक इन बिहार’ का उत्कृष्ट नमूना है। झा ने बताया कि इससे 1 लाख लोग लाइव जुड़ सकेंगे। आगे यह क्षमता 10 लाख तक बढ़ाई जा सकती है। लाइव कैम्पेन से जुडऩे के दो तरीके होंगे। एक ओपन रैली या मीटिंग जिसमें कोई भी जुड़ सकेगा। दूसरा प्राइवेट मीटिंग में जुडऩे के लिए संबंधित नेताओं व कार्यकर्ताओं को कोड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा इसमें एक टीवी का विकल्प भी है। यह बिहार ब्रांड टीवी के रूप में भी काम करेगा। इस पर बिहार और जदयू की उपलब्धियों से जुड़ी खबरों के साथ मुख्यमंत्री के भाषण और यात्राओं के वीडियो का संग्रह भी होगा। वहीं टू वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की भी सुविधा होगी। गूगल मीट और जूम कॉल की तरह इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की जा सकती है। इस प्लेटफॉर्म के जरिये एकसाथ 500 लोग दोतरफा वीडियो संवाद कर सकते हैं। यह संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा इसमें कार्यकर्ताओं का डेटाबेस जुड़ा होगा। जिसकी मदद से सर्वे या एक साथ लाखों कार्यकर्ताओं को एसएमएस भी भेजा जा सकता है।

जदयू की वेबसाइट पर सीएम के भाषण, यात्राओं की जानकारी व बिहार की पॉजिटिव खबरें भी होंगी। बिहार चुनाव को लेकर राज्य में सियासत गरम हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी महागठबंधन का साथ छोड़ एनडीए में शामिल हो गए हैं। मांझी के एनडीए में आने से एलजेपी की नाराजगी और बढ़ गई है और अब पार्टी जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े कर सकती है। वहीं मांझी की खुद की पार्टी के दो नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। (jansatta.com)


03-Sep-2020 1:09 PM 10

राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी हिंदुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदार पर आक्रमण था। नोटबंदी हिंदुस्तान के असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण था और हमें इस आक्रमण को पहचानना पड़ेगा और पूरे देश को मिलकर इसके खिलाफ लड़ना पड़ेगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर पीएम मोदी और उनकी सरकार को घेरा है। उन्होंने देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर दूसरा वीडियो जारी करते हुए कहा, “नोटबंदी हिंदुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदार पर आक्रमण था। नोटबंदी हिंदुस्तान के असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण था। 8 नवंबर 8:00 बजे 2016, प्रधानमंत्री जी ने नोटबंदी का निर्णय लिया। 500, 1000 का नोट रद्दी कर दिया। पूरा हिंदुस्तान बैंक के सामने जाकर खड़ा हुआ। आपने अपना पैसा अपनी आमदनी बैंक के अंदर डाली।”

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से सवाल पूछते हुए कहा, “पहला सवाल- काला धन मिटा? नहीं। दूसरा सवाल- हिंदुस्तान के गरीब जनता को नोटबंदी से क्या फायदा मिला? जवाब- कुछ नहीं। तो फायदा किसको मिला? फायदा हिंदुस्तान के सबसे बड़े अरबपतियों को मिला। कैसे? आपका जो पैसा था आपके जेब में से आपके घरों में से निकाल कर उसका प्रयोग सरकार ने इन लोगों का कर्जा माफ करने के लिए किया। मगर वह सिर्फ एक लक्ष्य था दूसरा लक्ष्य भी था छुपा हुआ- जमीन साफ करने का, जो हमारा इनफॉरमल सेक्टर है असंगठित अर्थव्यवस्था का सेक्टर है वो कैश पर चलता है। छोटा दुकानदार हो, किसान हो, मजदूर हो वो कैश से काम करता है।”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आगे कहा, “नोटबंदी का दूसरा लक्ष्य जो जमीन साफ करने का लक्ष्य असंगठित अर्थव्यवस्था के सिस्टम से नगद कैश को निकालने का। प्रधानमंत्री ने स्वयं कहा कि वह कैशलेस इंडिया चाहते हैं। कैशलेस हिंदुस्तान चाहते हैं। अगर कैशलेस हिंदुस्तान होगा तो असंगठित अर्थव्यवस्था तो खत्म हो जाएगी। नुकसान किसको हुआ? किसानों को, मजदूरों को, छोटे दुकानदारों को, स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस वालों को, जो कैश का प्रयोग करते हैं, जो बिना कैश जी हीं नहीं सकते।”

राहुल गांधी ने कहा, “नोटबंदी हिंदुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदार पर आक्रमण था। नोटबंदी हिंदुस्तान के असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण था और हमें इस आक्रमण को पहचानना पड़ेगा और पूरे देश को मिलकर इसके खिलाफ लड़ना पड़ेगा।” (navjivanindia.com)


03-Sep-2020 1:01 PM 21

राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा में अगस्त में बेरोजगारी दर 33.5 फीसदी रही, जिसका साफ अर्थ है कि राज्य का हर तीसरा आदमी बेरोजगार है। वहीं देश भर में अगस्त में बेरोजगारी दर 8.35 फीसदी पहुंच गई। यह बढ़ोतरी ग्रामीण क्षेत्र में काम में कमी आने की वजह से हुआ है।

देश में बेरोजगारी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। बीते अगस्त महीने में संगठित क्षेत्र में नौकरियों में कटौती और ग्रामीण क्षेत्र में खेती के काम में कमी आने की वजह से बेरोजगारी दर में और तेजी से इजाफा हुआ और अगस्त में देश में बेरोजगारी दर 8.35 फीसदी पहुंच गई, जो कि जुलाई में 7.43 फीसद थी। कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन में छूट के बाद भी अर्थव्यस्था नहीं संभल पा रही है और मंदी जारी है, जिसके चलते बेरोजगारी में इजाफा हो रहा है।

यह दावा सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) ने 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के आधार पर किया है। आंकड़ों के अनुसार देश के शहरों में बेरोजगारी का आंकड़ा 9.83% प्रतिशत पहुंच चुका है, जिससे साफ है कि शहरों में लगभग हर 10वें आदमी के पास नौकरी नहीं है। वहीं इन आंकड़ों में गांवों की बेरोजगारी दर 7.65 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि इससे पहले जुलाई में शहरों में बेरोजगारी दर 9.15 फीसद और गांवों में 6.66 फीसद थी। साफ है दोनों ही क्षेत्रों में अगस्त महीने में बेरोजगारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

देश में जारी आर्थिक बदहाली के कारण बेरोजगारी का सबसे ज्यादा असर हरियाणा पर पड़ा है, जहां अगस्त में बेरोजगारी दर 33.5 फीसदी रही। इसका अर्थ हुआ कि राज्य का हर तीसरा आदमी बेरोजगार है। खास बात ये है कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और ऐसे में बेरोजगारी दर में इतनी बढ़ोतरी गांवों में बढ़ती बेरोजगारी की ओर इशारा कर रही है। हरियाणा के बाद सबसे बुरा असर त्रिपुरा पर पड़ा है, जहां 27.9 फीसदी लोग बेरोजगार है। वहीं आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में सबसे कम बेरोजगारी है, जहां सिर्फ 0.5% लोग बेरोजगार हैं।

गौरतलब है कि अगस्त की बेरोजगारी का यह आंकड़ा मार्च के मुकाबले थोड़ा ही कम है, जब कोरोना संकट से निपटने के नाम पर मोदी सरकार ने देश भऱ में पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया था। उस समय देश में बेरोजगारी की दर 8.75 फीसद थी, जबकि शहरों में यह आंकड़ा 9.41 फीसदी और गांवों में 8.44 फीसदी दर्ज किया गया था। साफ है कि इस समय शहरी बेरोजगारी पूर्ण लॉकडाउन के दौर से भी कहीं ज्यादा हो गई है।

इतना ही नहीं अगस्त की बेरोजगारी दर देश में कोरोना संकट आने के पहले के महीनों यानी जनवरी और फरवरी से भी बहुत ज्यादा है। जनवरी में देश में बेरोजगारी 7.76 फीसदी और फरवरी में 7.22 फीसदी रही थी। हालांकि, राहत की बात है कि कुल बेरोजगारी दर में पिछले कुछ महीनों के मुकाबले कमी आई है। देश में लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में बेरोजगारी दर 23.52 फीसदी पहुंच गई थी।

ऐसे में सीएमआईई के ताजा आंकड़ों को अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ चिंताजनक बता रहे हैं। उनका कहना है कि बेरोजगारी के ये आंकड़े उस समय आए हैं, जब लॉकडाउन की बंदी के बाद लगभग सभी आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो चुकी हैं। कमजोर आर्थिक माहौल में नौकरियों में लगातार कटौती देश में बेरोजगारी को गंभीर रूप से बढ़ा रहा है। (navjivanindia)


03-Sep-2020 12:13 PM 11

पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी किनारे तीन विवादित क्षेत्रों को लेकर जारी तनाव कम करने के लिए दोनों देश वार्ता कर रहे हैं। भारत ने ब्लैक टॉप और हेल्मेट टॉप के आस-पास के इलाकों में चीनी तैनाती पर चिंता जताई है। साथ ही थाकुंग अड्डे के करीब तैनाती को हटाने को कहा है।

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग त्सो (झील) पर तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच बुधवार को हुई सैन्य वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका है। सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत जारी रहेगी। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में हालिया घुसपैठ के प्रयासों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और भी बढ़ गया है, जिसे खत्म करने के लिए सैन्य वार्ता की जा रही है।

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग त्सो (झील) में यथास्थिति को बदलने की कोशिशों में चीन द्वारा भड़काऊ सैन्य हरकतों के बाद, दोनों देश पिछले तीन दिनों से बातचीत में लगे हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दोनों देशों के ब्रिगेड कमांडर स्तर के अधिकारियों ने चुशुल में मुलाकात की। यह बातचीत आगे भी जारी रहेगी।"


पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी किनारे पर तीन विवादास्पद क्षेत्रों में ताजा घटनाक्रम के बाद दोनों देश विचार-विमर्श कर रहे हैं। भारत ने ब्लैक टॉप और हेल्मेट टॉप के आस-पास के इलाकों में बढ़ी चीनी तैनाती को लेकर चिंता जताई है। भारत ने चीन से भारतीय क्षेत्र में थाकुंग अड्डे के करीब सेना की तैनाती को पूरी तरह से वापस लेने को भी कहा है। चीनी सैनिकों को पीछे धकेलने के लिए भारतीय सैनिकों ने एलएसी पर रेजांग ला से लगभग 2.5 से 3 किलोमीटर की दूरी पर रेचिन ला पर पकड़ मजबूत कर ली है।


इससे पहले 31 अगस्त को चीनी सैनिकों ने उकसावे वाली कार्रवाई की थी, क्योंकि भारतीय सैनिकों ने इससे पहले पीएलए द्वारा जमीन पर कब्जा जमाने के मंसूबों को विफल करने के लिए वहां के ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर पहुंच स्थापित कर ली थी। 29 और 30 अगस्त की रात को पीएलए के सैनिकों ने पहले हुई सहमति का उल्लंघन किया। इससे पहले पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध के दौरान हुई सैन्य वार्ता में सहमति व्यक्त की गई थी कि किसी भी देश की सेना दूसरे के क्षेत्र में नहीं जाएगी और उकसावे वाली कार्रवाई नहीं करेगी।


लद्दाख के पैंगॉन्ग झील इलाके में 29-30 अगस्त की रात को भारतीय सेना से मुंह की खाने के बाद से चीन बिलबिला रहा है। चीनी सेना ने भारत से आग्रह किया है कि वह सीमा पर तनाव कम करने के लिए अपनी सेना को तुरंत कम करे। इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने पैंगॉन्ग झील के पास यथास्थिति को बदलने के भारतीय सेना के आरोप को खारिज कर दिया था। वहीं भारत ने चीन से पैंगॉन्ग त्सो से अपने सैनिकों को पूरी तरह से हटाने के लिए कहा है। लेकिन चीन ने हिलने से इनकार कर दिया है।

गौरतलब है कि 15 जून को गालवान घाटी में चीनी अतिक्रमण रोकने के दौरान हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। इस झड़प में चीनी सैनिकों के हताहत होने की खबरें भी सामने आई थीं। तभी से दोनों देशों की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब चार महीने से आमने-सामने हैं। दोनों देशों के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो सका है। कई स्तर के संवाद के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है।  (ians)


03-Sep-2020 11:27 AM 12

बैंगलुरू, 3 सितम्बर (आईएएनएस)| बैंगलुरू में एक ऐसे पूर्व बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है जिसने कृषि उपज के लिए रखे गए सरकारी फंड का दुरुपयोग कर दूसरे मद में स्थानांतरित कर दिया। पुलिस ने कहा कि मुख्य आरोपी पूर्व बैंक कर्मचारी विजय आकाश को सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वो नौ महीनों से फरार चल रहा था। 

संयुक्त कमिश्नर (क्राइम) संदीप पाटिल के मुताबिक, विजय आकाश ने फंड को पहले बैंक के ही एक दूसरे करंट अकाउंट में ट्रांसफर किया और फिर वहां से चेन्नई में कई बैंक खातों में भेज दिया। 

पुलिस ने विजय आकाश के अलावा 15 और लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है जिसमें उसका बेटा प्रेम राज भी शामिल है। 

इस मामले की जांच जारी है। 


03-Sep-2020 11:22 AM 12

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)| प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा है कि उसने कुख्यात हवाला ऑपरेटर नरेश जैन को गिरफ्तार किया है। जैन पर 600 खातों का उपयोग करके भारत में 96,000 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लेनदेन कराने का संदेह है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि एजेंसी ने जैन को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है और दिल्ली की एक अदालत ने उसे 9 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

अधिकारी ने बताया कि जैन ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 600 से अधिक बैंक खातों के जरिए भारत में 96 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अवैध लेनदेन की सुविधा दी। इस दौरान 11,800 करोड़ रुपये 114 विदेशी बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए। जैन को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एक मामले के बाद गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने दावा किया कि जैन ने कथित तौर पर शेल कंपनियों, टूर-एंड-ट्रैवल फर्मों और औपचारिक बैंकिंग नेटवर्क के जरिए हवाला चैनलों के माध्यम से फंड ट्रांसफर करने का एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट चलाया। इसके लिए तमाम जाली दस्तावेजों का उपयोग किया गया। 

जांच में पता चला है कि 970 से अधिक लाभार्थियों को 18,680 करोड़ रुपये की एकोमोडेशन एंट्रीज देने के लिए 96 हजार करोड़ रुपये के फंड को घुमाने के लिए 450 शेल कंपनियों का उपयोग किया है।

दिल्ली का यह बिजनेसमैन पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियों की जांच के घेरे में है। 2016 में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन के लिए वित्तीय जांच एजेंसी ने उस पर 1,204 करोड़ रुपये का दंड लगाया था।

अधिकारी ने कहा कि जैन ने प्रतिबंधित चीजों के नेटवर्क को भी वित्तपोषित किया था और 6 दिसंबर 2009 को उसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद उसे ईडी ने गिरफ्तार किया है। वह एक साल से अधिक समय तक हिरासत में रह चुका है। 

यह भी बताया गया है कि इटली और यूएई की कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी उसका पीछा कर चुकी हैं। वह अमेरिका और ब्रिटेन में भी अधिकारियों के संदेह के घेरे में आ चुका है।


03-Sep-2020 11:18 AM 14

वाराणसी, 3 सितम्बर (आईएएनएस)|बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने एक बार फिर दरियादिली दिखाते हुए जरूरतमंदों की मदद की है। उन्होंने वाराणसी के नाविकों को मदद भेजी है। उनके पास बाढ़ के कारण खाने के लिए भोजन तक नहीं था। एक सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा सोनू सूद का ध्यान इस तरफ खींचा गया था। सामाजिक कार्यकर्ता दिव्यांशु उपाध्याय ने मंगलवार को अभिनेता सोनू सूद को नाविकों के 350 परिवारों के बारे में ट्वीट किया था, जो वाराणसी में गंगा नदी पर नाव चलाकर अपना जीवनयापन करते हैं। लेकिन बाढ़ के कारण उनका काम बंद है और उनके पास खाने तक के पैसे नहीं हैं। 

एक घंटे के भीतर ही सोनू सूद ने ट्वीट का जवाब दिया और लिखा, "वाराणसी घाट के इन 350 परिवारों का कोई भी सदस्य आज के बाद भूखा नहीं सोएगा।"

इसके बाद सूद की सहयोगी नीती गोयल ने उपाध्याय को बुलाया और उन्हें आश्वासन दिया कि एक घंटे के भीतर उन्हें वाराणसी में राशन की किट उपलब्ध करा दी जाएगी।

उपाध्याय की टीम के एक सदस्य ने बताया, "हमें कुछ ही समय में अभिनेता की ओर से 350 राशन के किट मिल गए। प्रत्येक किट में 5 किलो आटा, 5 किलो चावल, 2 किलो चना, एक पैकेट मसाले और अन्य चीजें थीं। 350 में से 100 किट तुरंत परिवारों को वितरित कर दिए गए।"

दिव्यांशु उपाध्याय होप नामक एक गैर-लाभकारी संगठन चलाते हैं, उन्होंने बताया कि इन किट के लिए स्थानीय विक्रेता को सूद ने भुगतान किया।

उपाध्याय ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 'होप' नाविकों के लिए राहत वस्तुएं बांट रहा था लेकिन बाद में उनके पास सामग्री कम पड़ गई, तब उन्होंने सूद को ट्वीट किया। 


03-Sep-2020 10:08 AM 16

लखनऊ. आम आदमी पार्टी (AAP) के यूपी प्रभारी संजय सिंह (Sanjay Singh) ने जातिगत सर्वे (Caste Based Survey) के नतीजे जारी कर दिये हैं. पार्टी ने बताया कि 68 हजार लोगों को फोन करके ये सर्वे किया गया था. सर्वे के नतीजों में यह दावा किया गया है कि 63 फीसदी लोगों ने यह माना है कि योगी सरकार (Yogi Government) जातिवादी है, जबकि 28 फीसदी लोग ऐसा नहीं मानते हैं. 9 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी कोई राय जाहिर नहीं की है.

बता दें कि सर्वे में यह सवाल पूछा गया था कि क्या योगी सरकार में सिर्फ ठाकुर समाज के लोगों के काम हो रहे हैं? हां या न में जवाब देना था. आम आदमी पार्टी के अनुसार, 63 फीसदी ने 'हां' में जबकि सिर्फ 28 फीसदी लोगों ने 'न' में जवाब दिया है. ये ध्यान देने वाली बात है कि सर्वे में यह नहीं पूछा गया था कि योगी सरकार जातिवादी है या नहीं, बल्कि सवाल ये था कि क्या योगी सरकार में ठाकुर समाज के लोगों के ही काम हो रहे हैं?

पुलिस के दबाव में बंद हुआ सर्वे

आम आदमी पार्टी के दिल्ली के तिमारपुर से विधायक दिलीप पांडेय ने बताया कि सर्वे अब बन्द किया जा चुका है, क्योंकि यूपी पुलिस ने एजेंसी के लोगों की धर पकड़ शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि यूपी के लगभग हर हिस्से में लोगों को फोन किये गये हैं, जिससे कोई भी क्षेत्र छूटे नहीं. उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने इसे रोका न होता तो वे इसे और भी बड़े स्केल पर करना चाह रहे थे.

एफआईआर दर्ज होने के बाद AAP ने ली थी जिम्मेदारी

दिलीप पांडेय से जब यह पूछा गया कि सर्वे के दौरान लोगों को क्यों नहीं बताया जा रहा था कि यह आम आदमी पार्टी का सर्वे है? उन्होंने कहा कि इससे सर्वे की सुचिता प्रभावित हो जाती. लोग पक्षपाती हो जाते और सही जवाब नहीं निकल पाता. उन्होंने दावा किया है कि सर्वे में जिन भी नंबरों से जवाब दिया गया है, उसे गोपनीय रखा जायेगा. जाहिर है इस सर्वे को आधार बनाकर आम आदमी पार्टी यूपी में अब जमकर राजनीति करेगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि सत्ताधारी भाजपा इस सर्वे का जवाब किस रूप में देती है. इस मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में आईटी एक्ट के तहत अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है. इसी क्रम में यूपी पुलिस ने जयपुर में भी छापेमारी की है.(news18)


03-Sep-2020 8:59 AM 18

नयी दिल्ली 03 सितंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन आधिकारिक ट्वीटर अकॉउंट में से एक नरेंद्रमोदी_आईएन ट्विटर अकॉउंट को गुरुवार तड़के साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। 

हैकर्स ने श्री मोदी के नरेंद्रमोदी_आईएन अकॉउंट से लगातार चार ट्वीट किये जिसमें आखिरी ट्वीट करते हुए हैकर ने ट्वीट कर कहा कि यह अकॉउंट 'जॉन विक' द्वारा हैक किया गया है। 

साइबर अपराधियों ने श्री मोदी के निजी अकॉउंट से ट्ववीट कर 'बिट कॉइन' के जरिये पीएम राष्ट्रीय राहत कोष में दान करने की बात कही। हालांकि कुछ मिनटों बाद ही चारों ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। 

श्री मोदी के इस अकॉउंट पर करीब 25 लाख फॉलोवर है और उन्हें इस अकॉउंट पर गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम मंत्री और कई बड़ी हस्तियां फॉलो करती हैं। 

श्री मोदी यह अकॉउंट मई 2011 में बनाया गया था और यह उनका सबसे पुराना निजी ट्विटर अकॉउंट हैं। श्री मोदी नरेंद्रमोदी_आईएन ट्विटर अकॉउंट का नरेन्द्रमोदी.आईएन वेबसाइट और एप के लिए भी प्रयोग करते हैं। 

 ndtv  के अनुसार - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पर्सनल वेबसाइट और ऐप का ट्विटर अकाउंट हैक हो गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने इस बात की पुष्टि की है. ट्विटर ने कहा कि अकाउंट को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए गए हैं. ये वेबसाइट है narendramodi.in इसके ट्विटर अकाउंट पर हैकर ने कोविड-19 रिलीफ फंड के लिए डोनेशन में बिटक्वाइन की मांग की. हालांकि कुछ ही देर के बाद ये बोगस ट्वीट डिलीट कर दिए.

इस अकाउंट पर लिखा गया, 'मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि कोविड -19 के लिए बनाए गए पीएम रिलीफ फंड में दान करें.' अकाउंट हैकर ने अपने ग्रुप का नाम जॉन विक बताया है, बताया जाता है कि इसी ग्रुप का पेटीएम मॉल के डेटा चोरी में भी हाथ था.

एक ट्विटर प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'हमें इस घटना की जानकारी है और छेड़छाड़ किए गए अकाउंट की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं. हम तेजी से इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. फिलहाल हमें और किसी अकाउंट के प्रभावित होने की खबर नहीं है.'

गौरतलब है कि जुलाई में भी प्रमुख हस्तियों के कई ट्विटर अकाउंट हैक होने की खबर आई थी.हैकर्स ने जुलाई में ट्विटर की आंतरिक प्रणालियों तक पहुंच बनाई थी ताकि कुछ शीर्ष हस्तियों के प्लेटफॉर्म्स को हाईजैक किया जा सके और उन्हें डिजिटल मुद्रा का उपयोग करने के लिए इस्तेमाल किया जा सके. जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और अरबपति एलोन मस्क शामिल हैं. 


03-Sep-2020 8:34 AM 20

नई दिल्ली, 3 सितम्बर (आईएएनएस)| दिल्ली सरकार ने नर्सिग होम संचालकों को बड़ी राहत देते हुए उनके लाइसेंस नवीनीकरण को एक साल के लिए एक्सटेंशन देने का फैसला किया है। बुधवार शाम नर्सिग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य विभाग को यह आदेश पारित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद रहे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि ऐसा सिस्टम तैयार करें, जिससे नर्सिग होम संचालकों को लाइसेंस का ऑटो एक्सटेंशन मिल जाए और उनको परेशान न होना पड़े।"

उल्लेखनीय है कि नर्सिग होम संचालक लॉकडाउन की वजह से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करा पाए हैं और उनके लाइसेंस की वैधता 31 मार्च 2020 को खत्म हो गई है। अब नए आदेश जारी होने के बाद उन्हें 31 मार्च 2021 तक एक्सटेंशन मिल जाएगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने बुधवार शाम दिल्ली के नर्सिग होम मालिकों और दिल्ली मेडिकल काउंसिल के सदस्यों के साथ नर्सिग होम के रिन्युअल संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बैठक की। इस बैठक में नसिर्ंग होम संचालकों ने कहा, "उन्हें हर साल नर्सिग होम का रिन्युअल कराना पड़ता है।"

इस दौरान दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) के प्रेसिडेंट डॉक्टर अरुण गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने के बाद उनका आभार जताया और कहा, "मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनकी समस्या समझी और इस पर तुरंत आदेश दिए। इससे लोगों को बहुत राहत मिलेगी।"

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. आर के गुप्ता ने कहा, "दिल्ली सरकार ने सभी प्राइवेट और सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों का काफी सम्मान किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ नर्सिग होम संचालकों की हुई बैठक सफल रही और मुख्यमंत्री ने संचालकों को इस कोरोना महामारी में बड़ी राहत प्रदान की है।"


03-Sep-2020 8:27 AM 12

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)| सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफॉर्म फेसबुक को लेकर चल रहे विवाद के बीच फेसबुक के भारत प्रमुख अजित मोहन सवालों के जवाब देने के लिए बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए। समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने ट्वीट कर बताया, "मीडिया के हित को ध्यान में रखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मामले की संसदीय स्थायी समिति की बुलाई गई बैठक अभी तुरंत समाप्त हुई है। हमने साढ़े तीन घंटे बैठक की और सर्वसम्मति से इस बात पर सहमति बनी कि फेसबुक के प्रतिनिधियों के साथ बाद में चर्चा करेंगे।"

लोकसभा सचिवालय के अनुसार, बैठक के तीन एजेंडों में से एक था "नागरिकों के हित की रक्षा के मसले पर फेसबुक के प्रतिनिधियों के विचार सुने जाएं। खासकर, सोशल मीडिया/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा के अधिकार और निवारण के संदर्भ में।"

बैठक में भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर भी शामिल हुए।