ताजा खबर
रायपुर,13 मई। तीन दिन पहले ट्रिपल आईटी में लैपटॉप चोरी के बाद वहां रूप से कड़ी की गई कथित सुरक्षा से शासकीय अधिकारी कर्मचारियों वह भी मंत्रालयीन अमले को जूझना पड़ा। जीएडी के द्वारा आज से एक माह का एआई ट्रेनिंग शुरू की गई है जो 10 जून तक चलेगी। आज पहले बैच के कर्मचारी अधिकारियों के साथ ट्रिपल आईटी के निजी सुरक्षा कर्मियों ने जांच के नाम पर दुर्व्यवहार किया।
इसे लेकर मंत्रालयीन कर्मियों ने अपने संघ के नेताओं से आपत्ति दर्ज कराने दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
बताया गया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम मे उपस्थित अधिकारी /कर्मचारियों कों आज ट्रिपल आईटी मे 10.30 को प्रवेश करने से गेट पर रोक दिया गया। फिर 10:50 को प्रवेश करने दिया गया। उनका कहना था कि सुरक्षागत कारणों से सभी की आईडी चेक करने के बाद ही प्रवेश दिया जायेगा। कर्मियों ने इसे अशोभनीय व्यवहार है।
उप सचिव स्तर के अधिकारी को गेट के बाहर रोक कर उनसे id check करवाकर रजिस्टर में एंट्री करने के लिए कहा गया जबकि वो सीजी 02 वाहन में गए थे।
कर्मचारियों का कहना था कि सुरक्षा जांच का आशय यह नहीं कि धूप में कर्मचारियों को खड़े करा दो, यदि मंत्रालय कर्मचारियों से उनके संस्था को कोई खतरा है तो वो मना कर दे ट्रेनिंग देने से, हम कोई प्रशिक्षु छात्र नहीं है, हम प्रदेश के सर्वोच्च कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी हैं।अधिकारी/कर्मचारी कोई सौजन्य भेट के लिए नहीं गए थे, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा उनकी सूची पूर्व से दे दी गई थी, एसी घटना मंत्रालय के गरिमा के लिए विपरीत है।इसे लेकर अध्यक्ष की ओर से ज्ञापन सौंपा जाना चाहिए। इसका घोर एवम् जबरदस्त विरोध होना चाहिए।
क्योंकि सुरक्षा तब भंग होती जब हम व्यक्तिगत कार्य से वहाँ जाते तब उनके रूल से कोई दिक्तत नहीं है, यहाँ प्रश्न यह है की सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पूर्व ही सब की सूची दे दी गई थी। मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारियों का सूची पहले से उन लोगो के पास पहुंच चुकी थी, इसके बाद भी ये स्थिति बना ये ट्रिपल आईटी प्रबंधन की गलती है। यदि उन्हें मंत्रालयीन अधिकारी/कर्मचारियों के प्रशिक्षण से किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस हो रहा हो तो यह प्रशिक्षण निमोरा स्थित प्रशिक्षण संस्थान के कराया जाना चाहिए। आज मंत्रालयीन अधिकारी/कर्मचारियों के साथ प्रबंधन द्वारा किया गया व्यवहार बिल्कुल भी सही नहीं था।भरी गर्मी मे मंत्रालयींन बस एवं शासकीय गाड़ी को परिसर के बाहर रोक देना अच्छी बात है क्या? आईडी चेक करना था तो अंदर चेक कर लेते हम अटेंडेंस भी दे देते लेकिन परिसर के बाहर ही चेक करना भारी गर्मी मे जबकि जीएडी से सूची भेजी जा चुकी हो ठीक है क्या? कर्मचारियों का यह भी कहना था कि प्रशासन अकादमी, निमोरा में राज्य प्रशिक्षण संस्थान है, जहां राज्य के अधिकारी/कर्मचारियों को नियम संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, वहां कार्यालय का पूरा सेट अप स्वीकृत है ।
ऐसे में IIIT में प्रशिक्षण औचित्यहीन प्रतीत होता है। शासकीय संस्थान में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उन्हें बड़ी राशि का भुगतान किया जाना शासकीय धन का अपव्यय है।


