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छत्तीसगढ़ में 1303 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति, केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने किया श्रमदान
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 31 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय आवासन व नगरीय प्रशासन मंत्रालय ने अमृत 2.0 योजना के तहत बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के 5 प्रमुख और ऐतिहासिक तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 28.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इससे क्षेत्र के जल स्रोतों को नई जिंदगी मिलने के साथ शहरों की सुंदरता और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस मंजूरी के साथ छत्तीसगढ़ में अमृत 2.0 के तीसरे चरण के अंतर्गत कुल 37 परियोजनाएं लागू होंगी। राज्य के शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार ने कुल 1303 करोड़ की सहायता स्वीकृत की है। इसका उद्देश्य भविष्य में राज्य को जल-संपन्न बनाना और शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करना है।
इन परियोजनाओं के पीछे केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही। उन्होंने रतनपुर के तालाबों में स्वयं श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। उनकी पहल और सतत प्रयासों के कारण राज्य जल कार्ययोजना ( स्वैप) के तीसरे चरण में इन परियोजनाओं को केंद्रीय शीर्ष समिति ने प्राथमिकता दी।
इस योजना में बिलासपुर संसदीय सीट के 5 तालाबों को शामिल किया गया है। इनमें रतनपुर क्षेत्र रत्नेश्वर तालाब का 9.5 करोड़ रुपये से पुनर्जीवन व सौंदर्यीकरण होगा, तथा कृष्णार्जुनी तालाब का 7.5 करोड़ रुपये से नवीनीकरण किया जाएगा।
बिलासपुर शहर के हरसागर तालाब के लिए 5 करोड़, मां महामाया तालाब के लिए 3.5 करोड़ तथा मां शारदा तालाब के लिए 2.55 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
साहू ने बताया कि योजना के अंतर्गत तालाबों की गाद निकासी, तटबंध सुदृढ़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था और परिक्रमा पथ का विकास किया जाएगा। इससे भूजल स्तर में सुधार और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, रतनपुर की ऐतिहासिक पहचान और आकर्षण में वृद्धि होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।


