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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 नवंबर।छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी को जनसंपर्क संचालक (अपर संचालक) के पद पर प्रतिनियुक्ति से पदस्थ किए जाने का विरोध करने वाले मध्यप्रदेश जनसंपर्क अधिकारी संघ के फैसले का समर्थन किया है।
संघ का कहना है कि जनसंपर्क विभाग एक विशेषज्ञता-आधारित विभाग है, जहाँ वरिष्ठ पदों पर उन्हीं अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए, जो जनसंपर्क क्षेत्र में प्रशिक्षित, अनुभवी और पेशेवर दक्षता रखते हों। बाहरी प्रतिनियुक्ति से विभाग की परंपराओं, कार्यकुशलता और कार्य संस्कृति पर गलत प्रभाव पड़ता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि पीआर कैडर के अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से विभाग की कार्यनिरंतरता व मनोबल बढ़ता है, जबकि बाहरी कैडर के अधिकारियों की तैनाती से विभागीय स्वायत्तता और पेशेवर मानकों को नुकसान पहुँचता है।
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने मध्यप्रदेश संघ की मांग—कलमबद्ध हटाने और आदेश निरस्तीकरण—का पूरा समर्थन किया है।


