सरगुजा

नायब तहसीलदार से मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार-नायब तहसीलदार हड़ताल पर
01-Jun-2026 8:55 PM
नायब तहसीलदार से मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार-नायब तहसीलदार हड़ताल पर

नार्को टेस्ट की मांग पर गरमाई सियासत, विधायक बोले- मैं भी जांच के लिए तैयार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 1 जून। सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित राजापुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट सोमवार से सामूहिक अवकाश, कामबंद और कलमबंद आंदोलन पर चले गए हैं। इसके चलते प्रदेशभर में राजस्व एवं न्यायिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार 27 मई को राजापुर उपतहसील कार्यालय में एक पैरोल प्रकरण को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। इसके बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट एवं अभद्रता की घटना हुई। मामले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। घटना के बाद पीडि़त अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने घटना को प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा एवं गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि शासकीय अधिकारियों के साथ इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो प्रशासनिक तंत्र का मनोबल प्रभावित होगा। इससे पहले 29 मई को संघ ने सांकेतिक सामूहिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के बाद अब प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी गई है।

इस आंदोलन को अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। छात्रावास अधीक्षक संघ तथा राजस्व पटवारी संघ ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल के कारण राजस्व न्यायालयों की सुनवाई, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकता था - तुषार मानिक

हड़ताल के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने कहा कि विवाद जिस पैरोल प्रकरण को लेकर हुआ, उसके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं थे। आवेदन में गवाहों के हस्ताक्षर सहित कई जरूरी औपचारिकताएं अधूरी थीं। ऐसे में नियमानुसार दस्तावेजों की जांच किए बिना हस्ताक्षर करना संभव नहीं था, क्योंकि इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारी पर ही होती है।

उन्होंने कहा कि कोई भी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक या पटवारी नहीं चाहता कि जनता का काम प्रभावित हो, लेकिन कार्यालयीन समय में किसी अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट और अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

मीडिया की मौजूदगी में हो नार्को टेस्ट

तुषार मानिक ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वयं, विधायक रामकुमार टोप्पो और उनकी बहन का मीडिया की मौजूदगी में नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

विधायक बोले- मैं जांच और नार्को टेस्ट के लिए तैयार

नार्को टेस्ट की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि पुलिस दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। यदि नार्को टेस्ट कराने की आवश्यकता पड़ती है तो वे उसके लिए भी तैयार हैं।

मामले को लेकर प्रशासनिक एवं राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और शासन के आगामी कदमों पर टिकी हुई है।


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