सरगुजा

जागरूकता रथ रवाना, तम्बाकू मुक्त जीवन का दिया संदेश
01-Jun-2026 8:54 PM
जागरूकता रथ रवाना, तम्बाकू मुक्त जीवन का दिया संदेश

अम्बिकापुर, 1 जून। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिले में तम्बाकू एवं धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर अजीत वसंत ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के अंतर्गत स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी एवं रेडक्रास सोसाइटी के छात्र-छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकालकर आमजन को तम्बाकू मुक्त जीवन का संदेश दिया गया।कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि तम्बाकू, गुटखा, सिगरेट एवं अन्य नशीले पदार्थ आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जिससे स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि तम्बाकू केवल शरीर को बीमार नहीं करता, बल्कि व्यक्ति की मेहनत की कमाई को भी नशे और बीमारियों के इलाज पर खर्च कराकर आर्थिक स्थिति को कमजोर करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं तम्बाकू एवं धूम्रपान से दूर रहें तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ उसके आसपास रहने वाले लोग भी सेकंड हैंड स्मोकिंग से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। तम्बाकू सेवन से मुख कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, अस्थमा, सीओपीडी तथा सांस संबंधी अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त जीवन ही स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र की आधारशिला है।

 

नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि तम्बाकू सेवन विश्व में समय पूर्व मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। धूम्रपान छोडऩे के कुछ ही घंटों के भीतर शरीर में सकारात्मक बदलाव प्रारंभ हो जाते हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य होने लगता है, रक्तचाप में सुधार होता है तथा समय के साथ फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि विश्व तम्बाकू निषेध दिवस केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण का जन-संकल्प है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2021 में सरगुजा जिले को कोटपा अधिनियम 2003 के प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन, विशेषकर सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हेतु छत्तीसगढ़ का एकमात्र धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया गया था। एम्स द्वारा किए गए कम्युनिटी हेल्थ सर्वे में सरगुजा जिले में कोटपा अधिनियम की धारा 4 के अनुपालन का स्तर 95.7 प्रतिशत पाया गया था, जो जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस उपलब्धि को बनाए रखने हेतु जन-जागरूकता, निगरानी एवं प्रवर्तन की कार्यवाही निरंतर जारी है।

कलेक्टर श्री वसंत ने संबंधित विभागों को सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों एवं सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की कि वे नशामुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं।

कार्यक्रम में एस.के. शशिवासन, नरेश कुमार दुबे, सुनीता दास, आर्यन सिंह, प्रशांत, काउंसलर रानू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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