सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 12 फरवरी। नवोदित उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से नावापारा बीटीआई एवं नया बस स्टैंड रिंग रोड गंगापुर, अंबिकापुर में 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण भावसर फाउंडेशन द्वारा रैम्प योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ईडीपी मास्टर ट्रेनर रूपाली प्रजापति, वंदना मानिकपुरी, रेनू यादव एवं गीता यादव ने प्रतिभागियों को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना (पीएमवी) तथा छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
नवोदित उद्यमियों को व्यवसाय प्रारंभ करने की दी जानकारी
रैम्प योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में नवोदित उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को व्यवसाय प्रारंभ करने, संचालन करने और उसे स्थायी रूप से स्थापित करने के लिए सक्षम बनाना रहा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हासिल करने तथा स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
ईडीपी कार्यक्रम के दौरान उद्यमिता की अवधारणा, उद्यमशीलता प्रेरणा, उद्यमशीलता की दक्षताएं, व्यवसाय अवसरों की पहचान, व्यवसाय योजना तैयार करना, विपणन रणनीतियां, उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
120 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम के अंतर्गत चार बैचों में प्रत्येक बैच में 30-30 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें कुल 120 युवाओं ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरणा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


