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ईशान किशन पर भारत के साथ पाकिस्तान में कैसी चर्चा?
16-Feb-2026 12:29 PM
ईशान किशन पर भारत के साथ पाकिस्तान में कैसी चर्चा?

-प्रवीण

"ईशान किशन ने ही मैच बदल दिया. अगर ईशान किशन का बल्ला नहीं चलता तो टीम इंडिया को मुश्किल होती."

पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने ये बात कहते हुए पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत को मिली 61 रन की जीत का श्रेय ईशान किशन को दिया.

अहम मुकाबले में खेली गई ईशान किशन की 77 रन की तारीफ़ भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी हो रही है.

ईशान किशन की ये पारी इसलिए भी ख़ास रही क्योंकि कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की मुश्किल मानी जा रही पिच पर उनके अलावा मैच में कोई और बल्लेबाज़ अर्धशतक नहीं लगा पाया.

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद कहा, "ईशान किशन ने आउट ऑफ़ द बॉक्स सोचा और जिस तरह से जिम्मेदारी को संभाला वो कमाल था."

टी-20 वर्ल्ड कप के 27वें मुकाबले में भारतीय टीम टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करने मैदान पर उतरी थी. लेकिन पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने पहले ओवर में ही अभिषेक शर्मा का विकेट ले लिया.

अभिषेक खाता भी नहीं खोल पाए और टीम इंडिया का स्कोर पहले ओवर के बाद एक विकेट के नुकसान पर एक रन था. पाकिस्तान की टीम यहां से दबाव बना पाती इससे पहले ही ईशान किशन ने काउंटर अटैक शुरू कर दिया.

उन्होंने शाहीन अफरीदी के अगले ओवर में 15 रन बटोर कर दवाब उल्टा पाकिस्तान पर ही डाल दिया. इसके बाद ईशान ने रन बनाने का ऐसा सिलसिला शुरू किया कि उन्होंने पावरप्ले में ही टीम इंडिया के स्कोर को 50 के पार पहुंचा दिया.

27 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद तो उन्होंने और तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए. 9वें ओवर की चौथी गेंद पर जब साइम अयूब ने जब ईशान किशन को बोल्ड किया तब तक वो अपना काम कर चुके थे.

ईशान किशन ने 40 गेंद पर 77 रन बनाए और उनकी पारी में 10 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. लेकिन मैच के बाद ईशान किशन ने बताया कि उनके लिए भी ये पारी खेल पाना उतना आसान नहीं था.

उन्होंने कहा, "विकेट बल्लेबाज़ी के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था. लेकिन कई बार सिर्फ अपने आप में विश्वास करना होता है और अपनी स्ट्रेंथ के मुताबिक शॉट खेलने होते हैं. फोकस करने के लिए यही सबसे ज़रूरी होता है."

ईशान किशन की इस पारी को इसलिए भी सराहा जा रहा है क्योंकि दो महीने तक उनके वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का हिस्सा होने की संभावना तक नज़र नहीं आ रही थी.

ईशान किशन के लिए टीम इंडिया में वापसी का रास्ता बेहद मुश्किल रहा है. दरअसल, आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी ऋषभ पंत और केएल राहुल के होने की वजह से वो कभी भी टीम इंडिया में जगह पक्की नहीं कर पाए.

2022 के अंत में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में दोहरा शतक जड़ने के बाद अगले ही मैच में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा था. साल 2023 में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ डेब्यू सिरीज़ में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ उसी साल खेले गए पहले टेस्ट की प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया गया.

इसके बाद ईशान किशन के लिए बुरे दिनों की शुरुआत हुई और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरा बीच में ही छोड़ दिया था.

ईशान किशन के इस कदम को उठाने की वजह उस वक्त टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने बताई थी. उन्होंने कहा था, "ईशान किशन ने दक्षिण अफ़्रीका दौरे में मानसिक थकान के कारण ब्रेक के लिए अनुरोध किया था."

लेकिन इसके बाद मानो टीम इंडिया के लिए ईशान किशन के लिए टीम इंडिया में वापसी के रास्ते बंद होते चले गए. फरवरी 2024 में उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर कर दिया गया.

साल का अंत होते-होते उन्हें मुंबई इंडियंस ने भी झटका दिया और टीम से बाहर कर दिया. हालांकि इन सब के बावजूद वो टूटे नहीं और घरेलू क्रिकेट की तरफ रूख़ किया.

घरेलू क्रिकेट से बना वापसी का रास्ता
इमेज कैप्शन,पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेली गई ईशान किशन की पारी की चर्चा हर तरफ है
यहीं से ईशान किशन के वक्त बदलने की शुरुआत हुई. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 197 के स्ट्राइक रेट के साथ सबसे ज्यादा 517 रन बनाए. फाइनल में उन्होंने 45 गेंद पर सेंचुरी जड़ी और झारखंड को पहली बार इस टूर्नामेंट का विजेता बनाया.

इसके बाद तिलक वर्मा के चोटिल होने की वजह से उनके लिए टीम इंडिया में वापसी का रास्ता खुल गया. वापसी के बाद दूसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने 32 गेंद में 76 रन की पारी खेलकर बता दिया कि वो इस बार मौके को हाथ से जाने नहीं देंगे.

इसके बाद उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ आखिरी टी20 मुकाबले में 43 गेंद में 103 रन की तूफानी पारी खेल डाली. दो महीने पहले तक जिस ईशान किशन को टी20 वर्ल्ड कप के संभावितों में भी नहीं गिना जा रहा था वो टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले संजू सैमसन के स्थान पर टीम इंडिया के फर्स्ट च्वाइस ओपनर बन गए.

संजय मांजरेकर ने भी ईशान किशन की सफल वापसी का श्रेय घरेलू क्रिकेट को दिया. उन्होंने स्पोर्ट्स नेक्स्ट शो में कहा, "घरेलू क्रिकेट ने उनकी बल्लेबाज़ी में सुधार करने में मदद की है. बीते दो साल में घरेलू क्रिकेट खेलने की वजह से स्पिन खेलने की उनकी क्षमता और बेहतर हुई है."

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद ईशान किशन ने भी बताया कि बीते कुछ वक्त में उन्होंने अपने गेम पर काम किया.

उन्होंने कहा, "मैंने अपने गेम पर काफी काम किया है. अब मैं ऑफ़ साइड में पहले से बेहतर खेल पा रहा हूँ."

पाकिस्तान में भी ईशान किशन की चर्चा
ईशान किशन की इस ज़ोरदार पारी की चर्चा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी हुई है.

पाकिस्तान के पत्रकार शहजार इक़बाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "दो महीने पहले तक टी20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन प्लान का हिस्सा भी नहीं थे. लेकिन अब उन्होंने भारत के लिए पाकिस्तान के गेंदबाजी अटैक की हालत खराब कर दी. क्या कमाल का कमबैक है."

भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने भी कहा कि ईशान किशन ने पाकिस्तान को सरप्राइज कर दिया.

वहीं एबीपी न्यूज से बात करते हुए पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर ने कहा कि ईशान किशन ने कमाल कर दिया.

उन्होंने कहा, "हमें इस बात को स्वीकार करना पड़ेगा कि जहां इतने बल्लेबाज़ संघर्ष कर रहे था वहां ईशान किशन ने कमाल का खेल दिखाया. हम बाकी खिलाड़ियों की बात करते रहे, अभिषेक शर्मा की बात करते रहे. लेकिन मैच के हीरो ईशान किशन ही रहे."

खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार ने कहा कि अब तमाम मुश्किलों का सामना करने के बाद ईशान किशन एक बेहतर क्रिकेटर बन गए हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "ईशान किशन को खुद को गहराई से समझना पड़ा और नए सिरे से पहचानना पड़ा. टिके रहने के लिए उन्हें अपनी असली पहचान तलाशनी पड़ी."

"अब वह एक बेहतर इंसान हैं, दुनिया का सामना करने के लिए बेहतर रूप से तैयार हैं."

अफ़रीदी की आलोचना
कई पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की.

जावेद अख़्तर नाम के एक्स यूजर ने पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफ़रीदी की आलोचना की. उन्होंने लिखा, "शाहीन अफ़रीदी को पाकिस्तान वापस भेज देना चाहिए. उनकी जगह अली रजा या किसी अन्य समझदार युवा खिलाड़ी को मौका दिया जाना चाहिए. कप्तान हर बार वही गलती दोहराता है और गैरजिम्मेदाराना तरीके से आखिरी ओवर शाहीन अफरीदी को सौंप देता है."

उन्होंने कहा, "अफरीदी, तुमने हमारे युवा गेंदबाजों की सारी मेहनत बर्बाद कर दी है.

यासीन ख़ान यूसुफजई ने भी एक्स पर लिखा कि 'शाहीन अफ़रीदी अब टीम के लिए एक नियमित बोझ बनते जा रहे हैं.'

उन्होंने कहा, "उसके पास न स्विंग है, न गति, न लाइन और न लेंग्थ. उसे हमारा 'शाहीन' कहा जाता है, लेकिन आज वह किसी क्लब क्रिकेटर की तरह गेंदबाज़ी करते नज़र आए. ईशान किशन ने तो उन्हें नेट बॉलर बना दिया."

यासीन ख़ान ने आगे लिखा, "या तो पुराने शाहीन को वापस लाओ, या उन्हें हटा दो. यह सब देखना वाकई बहुत दुखद है." (bbc.com/hindi)


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