सारंगढ़-बिलाईगढ़
सारंगढ़, 15 जून। छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने भीषण गर्मी,पेयजल संकट आदि को देखते हुए 16 जून की बजाय 1 जुलाई से नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ करने की मांग शासन से की है। संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा है कि सरकार के आला अफसर भले ही शिक्षा सत्र के पूरे पाठ्य पुस्तकों, गणवेश 16 जून तक उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं, किंतु आज भी रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, सारंगढ़ ,बस्तर सहित अधिकांश जिलों में न तो पाठयपुस्तक पहुंची है, न ही गणवेश, वहीं स्कूल शिक्षा सचिव 16 जून से विधिवत पहले ही दिन से पूर्णकालिक अध्यापन कार्य आदेश जारी कर रहे हैं, आखिर बिना पाठ्य पुस्तकों के शिक्षक कैसे अध्यापन कार्य कर पाएंगे। श्री तिवारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में 75 फीसदी स्कूलों में पाठयपुस्तक नहीं पहुंच पाई है।
संघ पदाधिकारियों, बिलाइगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष वृषभान जगत, संघ के पदाधिकारियो ने बताया कि अमूमन प्रदेश में 5 से 7 जून तक मानसून पहुंच जाता है, जिससे पेयजल संकट से निजात मिल जाती है किंतु अब तक बारिश नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में पेयजल संकट बना हुआ है उमस भरी गर्मी एवं पेयजल की समस्या से छात्रों एवं शिक्षकों को स्वास्थ संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अत: बेहतर होगा शिक्षा सत्र 1 जुलाई से प्रारंभ हो, तब तक शासन पाठयपुस्तक गणवेश की उपलब्धता सुनिश्चित कर ले एवं बारिश से पेयजल एवं गर्मी से भी निजात मिल सकेगी ।
संघ शत्रुघन यादव लोचन साहू गिरीश वर्मा अरविंद चंद्रवंशी , प्रेम शंकर ध्रुव , उमाशंकर वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने मोबाइल ऐप से हाजिरी समेत शाला प्रवेश उत्सव 1 जुलाई ले कर व्यवहारिक होने की मांग की है।


