राजनांदगांव
दौरे को ढ़ाई साल बाद विस चुनाव की तैयारी का माना जा रहा हिस्सा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 16 जून। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत के राजनांदगांव में लगातार हो रहे दौरे को लेकर पार्टी में कई तरह की राजनीतिक अटकलों को बल मिला है।
डॉ. महंत के दौरे को ढ़ाई साल बाद प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोडक़र देखा जा रहा है। कांग्रेस में उनके पार्टी विधायक और कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकात को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं चल रही है। डॉ. महंत ने अविभाजित राजनांदगांव के सभी कांग्रेसी विधायकों के घर जाकर भेंट की है। इसके अलावा वह पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच भी पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पूर्व डॉ. महंत ने मोहला-मानपुर जिले से अपने दौरे की पहली शुरूआत की थी। इसके बाद वह सोमवार को राजनांदगांव जिले के तीनों विधायक और खैरागढ़ जिले की एक मात्र कांग्रेस विधायक के घर पहुंचे।
डॉ. महंत ने मोहला-मानपुर में विधायक इंद्रशाह मंडावी से पिछले दिनों अपने संक्षिप्त दौरे में मुलाकात की थी। राजधानी लौटते वक्त वह खुज्जी विधायक भोलाराम साहू के घर पहुंचे। इसके बाद कल सोमवार को हुए एक दिनी दौरे में वह डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल और खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा से मिलने के लिए उनके निवास पहुंचे।
कांग्रेस के भीतर वैसे तो कई तरह की चर्चाएं चल रही है। जिसमें अगले कुछ महीने में कांग्रेस संगठन से लेकर नेता प्रतिपक्ष को बदलने की चर्चाएं जोरों पर है। बताया जा रहा है कि महंत ने सभी विधायकों से भेंट करने के दौरान कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं की है। महंत के दौरे को लेकर यह भी चर्चा व्याप्त है कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर न सिर्फ डॉ. महंत बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज समेत डॉ. महंत को प्रदेशभर में दौरा कर कार्यकर्ताओं को चार्ज करने का निर्देश मिला है। अविभाजित राजनांदगांव जिले के सभी 6 सीटों में से 5 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। जबकि भाजपा से एकमात्र विधायक विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह है। यानी कांग्रेस को राजनांदगांव की सियासी तासीर अनुकूल लगती है। ऐसे में कांगे्रस मौजूदा सीटों पर कब्जा करने के इरादे से प्रदेश के शीर्ष नेताओं को विधानसभा चुनाव की तैयारी के उद्देश्य से कार्यकर्ताओं तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है।&&&&&


