राजनांदगांव
विस अध्यक्ष सुरगी में आयोजित सम्मेलन में हुए शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 16 जून। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला सह कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष का खुमरी पहनाकर भावमय स्वागत किया गया। विस अध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने कृषकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर कृषकों का सम्मान किया।
विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश व दुनिया में इतिहास रचा है। किसानों की सुविधा के लिए उन्होंने विशेष तौर पर कार्य किया है। यूरिया मार्केट में 2220 रुपए प्रति क्विंटल महंगे कीमत पर मिल रही है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से किसानों को सब्सिडी देते 266 रुपए में यूरिया उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि की दिशा में किसान कदम बढ़ा रहे हैं। किसानों को जैविक खाद एवं गोबर खाद का उपयोग करते हुए प्राकृतिक खेती करना चाहिए।
डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में 6 राज्यों के बच्चे अध्ययन एवं अनुसंधान करने आ रहे हैं। सुरगी विधानसभा अध्यक्ष का गोदग्राम है और यहां निरन्तर विकास कार्य किए जा रहे हैं। सुरगी-खरखरा डायवर्सन नहर लाईनिंग के तहत 19 करोड़ रुपए का कार्य प्रगति पर है। जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शिवनाथ डायवर्सन से मुख्य नहर 50 किलोमीटर एवं लघु नहर का कार्य 27 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
सुरगी सौर चलित सिंचाई परियोजना 2 करोड़ 50 लाख रुपए, कृषि महाविद्यालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 75 लाख रुपए, हाई स्कूल 73 लाख रुपए, शौचालय उन्नयन विद्युत उप केन्द्र एवं विभिन्न छोटे-छोटे मद में कांक्रीट के कार्य तथा अन्य कार्य लगभग 1 करोड़ 92 लाख रुपए से अधिक के कार्य सुरगी ग्राम पंचायत अंतर्गत किए गए है। उन्होंने कहा कि सुरगी मॉडल प्रदेश में चर्चा का विषय है।
सांसद संतोष पांडे ने कहा कि रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक के प्रयोग से ब्लड प्रेशर एवं शुगर की बीमारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती आज की समय की आवश्यकता है और स्वस्थ रहने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने जैविक खेती पर सामूहिक गीत सुनाकर किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया गोबर, गौमूत्र, से बने जीवामृत, नीमास्त्र का उपयोग करने से किसानों को लाभ होगा।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि खरीफ 2025 में धान बिक्री करने वाले 1 लाख 24 हजार 101 किसानों को कृषक उन्नयन योजना अंतर्गत 1484 करोड़ रुपए की राशि उनके खाते में अंतरित की गई। किसानों को 454.12 करोड़ रुपए अंतर की राशि का भुगतान किया गया।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक एवं बीज का भंडारण है। खरीफ 2026 में समितियों के माध्यम से 45650 मीट्रिक टन का उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा है। अब तक 34480 मीट्रिक टन का भंडारण (70 प्रतिशत) एवं 26183 मीट्रिक टन (76 प्रतिशत) का वितरण है। यूरिया 18500 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 15459 मीट्रिक टन का भंडारण (83 प्रतिशत) अन्य उर्वरक जैसे डीएपी 3028 मीट्रिक टन, एनपीके 8200 मीट्रिक टन, पोटाश 3273 मीट्रिक टन, एसएसपी 4511 मीट्रिक टन का भंडारण कर वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार उन्नत प्रमाणित बीज वितरण हेतु 14331 क्विंटल बीज का समितियों में भंडारण जारी है। जिले में किसानों को कृषि ऋण एवं पर्याप्त मात्रा में बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 43 नवीन सेवा सहकारी समितियों की स्थापना की गई है।
इस दौरान कृषक एनेश्वर वर्मा एवं प्राकृतिक खेती करने वाली महिला स्वसहायता समूह की दीदी नीता साहू ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव अध्यक्ष सचिन बघेल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव उपाध्यक्ष भरत वर्मा, संतोष अग्रवाल, कृषक आलोक ठाकुर, कृषक दाऊराम शंकर, जितेन्द्र वर्मा, सुमीत उपाध्याय, उत्तम साहू, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुंजन झा, एसडीएम गौतम पाटिल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।


