राजनांदगांव
गुड्डा-गुडिय़ों का पारंपरिक ब्याह के साथ शुरू होंगे मांगलिक कार्य
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 15 अप्रैल। अक्षय तृतीया पर्व को लेकर बाजार में हलचल शुरू हो गई। आगामी 19 अप्रैल को अक्ती (अक्षय तृतीया) का पर्व घर-घर में मनाया जाएगा। पारंपरिक रूप से गुड्डा-गुडिय़ों के ब्याह का रिवाज भी संपन्न होगा। इसी के चलते बाजार में गुड्डा-गुडिय़ों की दुकानें सज गई है। स्थानीय जयस्तंभ चौक से लेकर जूनीहटरी, गोलबाजार में पुतरी-पुतरा की खरीदी-बिक्री भी हो रही है। विशेष मुहूर्त में अक्ती पर्व की परंपरागत तरीके से गुड्डे-गुडिय़ों का विवाह होगा। इस बीच अक्ती पर्व के साथ ही मांगलिक कार्यों का दौर शुरू होगा। ग्रामीण इलाकों में इस पर्व को लेकर जबर्दस्त उत्साह है।
अक्ती के साथ ही सात फेरों का सिलसिला शुरू होगा। इस साल भी शादी को लेकर काफी लोगों की तैयारी है। अक्ती के बाद बाजार में व्यापारिक हलचल में तेजी आएगी। सराफा बाजार और कपड़े व बर्तन व्यापारियों को अक्ती पर्व का बेसब्री से इंतजार है। सोने-चांदी का कारोबार महंगाई के चपेट में है। अक्ती के खास मौके पर जौहरियों को कारोबार में उछाल आने की उम्मीद है। इस साल वैश्विक स्तर पर न सिर्फ सोना, बल्कि चांदी की कीमतें भी आसमान छू रही है। ऐसे में कुछ खास मौकों में ही अब लोग स्वर्ण आभूषण की खरीदी में दिलचस्पी ले रहे हैं। इस बीच कपड़ा एवं बर्तन कारोबार में भी तेजी दिख रही है।
वैवाहिक सीजन में सराफा बाजार का रूख होने से कारोबारियों को व्यवसाय में पंख लगने की उम्मीद है। इधर पर्व को लेकर बाजार की गति तेज हो रही है। कपड़ा कारोबार को भी पर्व के चलते लाभ मिलता दिख रहा है। वहीं मिट्टी से बने परंपरागत गुड्डे-गुडिय़ों का बाजार भी सज गया है। बच्चों के लिए यह पर्व खेल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं धार्मिक मान्यता के अनुसार घरों में गुड्डे-गुडिय़ों का विवाह भी कराया जाता है। इस बीच अक्षय तृतीया के पर्व पर वैवाहिक कार्यक्रम कराने को काफी शुभ माना जाता है। इस साल पर्व की तिथि अनुसार विवाह कार्य होने को ज्योतिषियों ने शुभ बताया है। लिहाजा कई घरों में शहनाई की गूंज भी इस दिन सुनाई देगी।
बच्चों में दिख रहा उत्साह
अक्षय तृतीया पर्व पर गुड्डे-गुडिय़ों की शादी रचाने शहर समेत अंचल के बच्चों में उत्साह भी दिखाई दे रहा है। बच्चे मिट्टी से बने गुड्डे-गुडिय़ों की खरीदी करने के लिए बाजार क्षेत्र में भी पहुंच रहे हैं। मिट्टी से बने गुड्डे-गुडिय़ों की दुकानें बाजार क्षेत्र में सज चुकी है, जहां बच्चों समेत अन्य वर्ग के लोगों की भीड़ बनी हुई है। इधर बच्चे गुड्ड़े-गुडिय़ों की शादी रचाने तैयारी में जुटे हुए हैं।
जन्मोत्सव को लेकर तैयारी
अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। उनके जन्मोत्सव के अवसर पर घर-घर एवं सामूहिक रूप से भी विविध धार्मिक और सामाजिक आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियों की जा रही है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग परंपरानुसार सामाजिक आयोजन भी करते हैं। लिहाजा पारंपरिक कार्यक्रम आयोजत किए जाने की भी तैयारी है। अक्ती पर शहर सहित ग्रामीण इलाकों में धार्मिक, सामाजिक एवं पारंपरिक कार्यक्रमों का भी सिलसिला बना रहेगा।


