राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 15 अप्रैल। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने घुमका के नगर पंचायत चुनाव के लिए प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची के बाद प्रमाणित आरोप लगाते कहा कि घुमका में शराब दुकान के लिए जिस तल्लीनता से प्रशासन ने साजिश रची, उसके विपरीत नगर पंचायत के निर्वाचन के लिए ना तो परिसीमन में और ना ही स्वच्छ मतदाता सूची के लिए कार्य किया और तो और प्रारंभिक मतदाता सूची में प्रशासन ने नगर पंचायत घुमका को नगर पालिका दर्शाकर मतदाता सूची प्रकाशित कराकर चुनाव ना कराने की फिर से साजिश उजागर किया है।
उन्होंने आरोप लगाते कहा अमीबा पैरामीशियम की तर्ज पर की गई परिसीमन मतदाता सूची में मतदाताओं की असमान संख्या से स्पष्ट उजागर हो गया है।
एक तरफ निर्वाचन आयोग मतदाताओं की संख्या को लगभग हर बूथ वार्ड में बराबर करने पर जोर देकर कार्य कर रही है। वहीं घुमका नगर पंचायत चुनाव के लिए बनाए गए मतदाता सूची में कुल 3197 मतदाता होने से 15 वार्डों में 213 मतदाता के अनुपात में परिसीमन मतदाता सूची तैयार की जानी थी। जिसमें 12 से 15 मतदाता ऊपर नीचे हो सकते थे, किंतु 6 वार्ड क्र. 3 में 114, वार्ड 6 में 126, वार्ड क्र. 7 में 153, वार्ड क्र. 10 में 116, वार्ड क्र. 11 में 167, वार्ड क्र. 12 में 128। वहीं 7 वार्ड में 200 से 288 तो दो वार्डो में 300 से अधिक मतदाता रखकर अपनी लोकतंत्र के प्रति असजगता के साथ आयोग की समान मतदाता वाली मंशा को ध्वस्त करने का संकल्प प्रमाणित
किया है।
प्रशासन को शायद यह भी जानकारी नहीं है कि घुमका नवगठित नगर पंचायत है, लेकिन प्रारंभिक मतदाता सूची में उसे नगर पालिका के रूप में प्रकाशित करना प्रशासनिक कार्यपद्धति पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, क्योंकि जब घुमका में शराब दुकान खोलने की प्रशासन ने एड़ी-चोटी लगाकर छग सरकार के गौधाम योजना के विपरीत गोठान और महिला सशक्तिकरण के लिए अनुसूचित जाति प्राधिकरण मद से महिला प्रशिक्षण केंद्र को समाप्त कर मोदी की महिला सशक्तिकरण नीति की धज्जी उड़ाकर शराब दुकान संचालित कराया जा रहा है। इस प्रकार के बेसुध कार्रवाई से यह साफ है कि नगर पंचायत घुमका को निर्वाचनविहीन रखा जाए, लोकतंत्र स्थापित ना हो।


