राजनांदगांव

300 करोड़ की लागत से होगा नांदगांव-मानपुर सडक़ का चौड़ीकरण
21-Feb-2026 4:36 PM
300 करोड़ की लागत से होगा नांदगांव-मानपुर सडक़ का चौड़ीकरण

दो हिस्से में बनेगी सडक़, सांसद की आपत्ति पर हुआ था बवाल

‘छत्तीसगढ़’  संवाददाता

राजनांदगांव, 21 फरवरी। राजनांदगांव-मानपुर तक सडक़ चौड़ीकरण को लेकर उपजा विवाद अब खत्म हो  गया है। इसी के साथ सडक़ चौड़ीकरण का काम जल्द प्रांरभ होने का रास्ता भी साफ हो गया है।

करीब 3 सौ करोड़ की लागत वाले इस मार्ग के चौड़ीकरण के टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद संतोष पांडे ने राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग के सचिव को खुला पत्र लिखकर सवाल उठाए थे। सांसद ने टेंडर हासिल करने वाली निर्माण कंपनी अमर बिल्र्डस पर दस्तावेजों में गलत जानकारी देने और गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। सांसद की आपत्ति के बाद लोनिवि ने अब दो हिस्सों में निर्माण कार्य करने के लिए नियम-शर्तो में बदलाव किया।

मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव से मानपुर तक केंद्र सरकार की मद से सडक़ चौड़ीकरण के लिए 290 करोड़ रूपए स्वीकृत किया गया है। लगभग 97 किमी की दूरी वाले इस मार्ग के लिए हुए टेंडर प्रक्रिया में अमर बिल्र्डस ने अहम जानकारी छुपाकर टेंडर हथिया लिया। इसी बात को लेकर सांसद पांडे ने ऐतराज किया था। अब मामले को सुलझा लिया गया है। बताया जा रहा है कि चौड़ीकरण के काम को दो हिस्सें में विभक्त  किया गया है। यानी राजनांदगांव और मोहल-मानपुर जिलें में काम को बांट दिया गया है।

बताया जाता है कि दुर्ग की अमर बिल्र्डस को टेंडर देने के मामले में अब भी सांसद पांडे रजामंद नही है। लेकिन कार्य लंबित होने की संभावना के चलते दोनों जिलों में कार्य  का बंटवारा किया गया है। अमर बिल्र्डस पर आरोप है कि कार्य हासिल करने के लिए पूर्व में हुए टेंडर में 16 फीसदी बिलो फार्म में भरा गया।  बाद में उसे साजिश के तहत 20 फीसदी कर दिया गया। यही से विवाद खड़ा हुआ। पूर्व में अमर बिल्र्डस और कवर्धा के केएल कंपनी में टेंडर को लेकर टाई की स्थिति बनी। जिसमें अमर बिल्र्डस ने 20 फीसदी बिलो भरा। इसके बाद दूसरी बार हुए टेंडर में 16 फीसदी भरा। अब तीसरी बार हुए टेंडर प्रक्रिया में दोनों जिलों में निर्माण कार्य को विभाजित किया गया है। गौरतलब है कि राजनांदगांव से मानपुर तक चौड़ाई 10 मीटर तक बढाया जाना है। सांसद पांडे का दावा है कि उक्त सडक़ की चौड़ीकरण के लिए केंद्र पर उन्होनें राशि देने का दबाव बनाया था। माना जा रहा है कि अगले छह माह के भीतर रोड़ नए रूप में सामने आएगा।


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