राजनांदगांव

नगर निगम सफाई कर्मियों के वेतन और अन्य समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन
03-Feb-2026 9:39 PM
नगर निगम सफाई कर्मियों के वेतन और अन्य समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन

शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुदलियार के नेतृत्व में शिकायतों का निराकरण करने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 3 फरवरी। राजनांदगांव नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लंबित वेतन के अलावा शहर में व्याप्त समस्याओं के निराकरण को लेकर मंगलवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार के नेतृत्व में प्रशासन को कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपा।

कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में शहर अध्यक्ष मुदलियार ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को महीनों से पारिश्रमिक नहीं मिलने पर सख्त एतराज जताया। इसके अलावा उन्होंने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 11 माह से श्रम सम्मान निधि भुगतान को लेकर और चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर द्वारा नागरिकों को रकम दोगुना का झांसा देकर रकम का निवेश कराने के मामले में कार्रवाई करने की मांग रखी।

मंगलवार को कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार ने बताया कि नगर निगम के नियमित व मस्टररोल सफाई कर्मचारियों को विगत दो माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का एकमात्र माध्यम है। वेतन रोके जाने से सफाई कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर नियमित व मस्टर रोल सफाई कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था की जाए।

वहीं भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनंादगांव के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को गत् 11 माह से श्रम सम्मान निधि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिमाह 4 हजार रुपए दिए जाते हैं। श्रम सम्मान निधि, इन आर्थिक संकट से जूझने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सहारा है, किन्तु राज्य सरकार द्वारा यह राशि रोका जाना कदापि उचित नहीं है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को एकमुश्त 11 माह की शेष श्रम सम्मान निधि प्रदन की जाए और आगामी माह में भी नियमित भुगतान किया जाए।

वहीं चिटफंड कंपनी एव्हीएम रियल स्टेट एंड एलाईड लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल साहू द्वारा वर्ष 2010-11 से वर्ष 2014 तक भोले-भाले नागरिकों को रकम दोगुना होने का झांसा देकर रकम का निवेश करवाया गया। ग्रामीणों की शिकायत है कि मैच्युरिटी का समय आने से पहले ही कंपनी के कार्यालय बंद कर दिए गए और लोगों का पैसा हड़प लिया गया। इस संबंध में पुलिस प्रशासन से भी शिकायत की गई है। प्रभावितों का भुगतान वापस करने के लिए अनिल साहू की चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों की जांच और कुर्क कर प्रभावित निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाई जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान रूपेश दुबे, राजेश गुप्ता चंपू, विनय झा, आफताब अहमद, गुरमीत सिंह, मनीष गौतम, आशीष साहू समेत अन्य लोग शामिल थे।


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