रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 मई। राजधानी में दूसरे दिन भी पेट्रोल-डीजल का संकट देखने को मिल रहा है। वहीं उत्तर दक्षिण छत्तीसगढ़ के सरगुजा, सुकमा और अन्य जिलों से भी यही खबरें मिल रही हैं। इसके चलते बस जीप टैक्सी वालों ने ट्रांसपोर्टिंग भाड़ा बढ़ा दिया है।
राजधानी में मंगलवार रात 9 बजे से अनेक पेट्रोल पंप बंद है। यह सिलसिला आज भी जारी है। पेट्रोल डीजल न मिलने से आम जनता परेशान हैं। एक के बाद एक शहर के छह से आठ पंप घूमने मजबूर हैं। जहां मिल रहा है वहां लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। शहर के बीच के पंप तो रस्सी बांध, नो स्टाक का बोर्ड लगा चुके हैं। दो दिनों की ऐसी स्थिति के बाद भी जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति प्रशासन ने स्टाक वेरिफिकेशन को लेकर कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
दूसरी ओर आरटीआई एक्टिविस्ट संजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मनमाने तरीके से पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने खाद्य मंत्री, गृह मंत्री एवं जिलों के कलेक्टरों से मांग की है कि पेट्रोल पंपों के स्टॉक रजिस्टर की जांच कर तत्काल पुलिस की मदद से पेट्रोल पंप चालू कराया जाए। इससे पहले कल आप पार्टी ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी। अन्यथा प्रदर्शन की बात कही थी।
यहां बता दें कि पीएम मोदी ने लोगों से अधिक और बेवजह वाहनों का इस्तेमाल न करने की अपील की है। ऐसे में पेट्रोल डीजल की खपत में कमी आएगी। इससे बचत होने की स्थिति बनेगी न कि कमी आएगी। लेकिन पंप संचालकों के पंप बंद करने के पीछे के नो स्टाक का कारण समझ से परे है। जबकि पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से आपूर्ति में कमी को लेकर कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किए जा रहे हैं।
पंप संचालकों का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों ने अब नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब जब तक एक टैंकर पेट्रोल की एडवांस कीमत नहीं चुकाई जाती, तब तक कंपनी टैंकर रवाना नहीं कर रही। कई छोटे पंप संचालक इतना कैश तुरंत नहीं दे पा रहे, जिससे सप्लाई और भी प्रभावित हो रही है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को तलब किया
दूसरी ओर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि इस समस्या को लेकर उन्होंने आज शाम सभी पेट्रोल कंपनियों के स्थानीय अधिकारियों को तलब किया है।
17-18 पंप ही ड्राई-खाद्य नियंत्रक
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भूपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि जिले में 297 पेट्रोल पंप हैं इनमें से 17-18 ही ड्राई स्थिति में है। सभी को पेट्रोल उपलब्ध हो रहा है। टैंकर आने में कुछ देरी अवश्य हो रही है। देर शाम कलेक्टर ने सभी पेट्रोल कंपनियों के अधिकारियों को समीक्षा के लिए बुलाया है।
आपदा में अवसर
दूसरी ओर शहर के जिन पंपों में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है वहां के कर्मचारी कांटा मार रहे हैं। नोजल के हेंडल को बड़ी तेजी से दबाकर प्वाइंट मीटर को तेज करने का उपक्रम कर रहे हैं। उनके इस खेल को वाहन मालिक टंकी फुल करने की जद्दोजहद में अनदेखी किए हुए हैं। इसका पूरा फायदा पंप कर्मी उठा रहे हैं। इसलिए पेट्रोल-डीजल लेने से पहले पंप कर्मी की हरकत पर नजर बनाए रखना आवश्यक है।


