रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 फरवरी। गत दिवस छत्तीसगढ़ बैंक एम्पलाईज एसोसिएशन का 5वां त्रैवार्षिक अधिवेशन रायपुर हुआ। मुख्य अतिथि एआईबीईए के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड सी एच वेंकटाचलम थे।
अनिल साखरकर ने सभी साथियों का स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ के इतिहास,परंपरा एवं सामाजिक,आर्थिक,भौगोलिक विशेषताओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। फिर विशेष अतिथि एस के मुखर्जी (पप्पू दादा) ने अपने उद्बोधन में पूर्व से ले कर आज तक अधिकारियों एवं अन्य यूनियन की गतिविधियों की जानकारी दी ।
मुख्य अतिथि वक्ता कॉमरेड सी एच वेंकटाचलम ने अपने संबोधन में बैंक निजीकरण का विरोध किया और यह जानकारी दी कि बैंक निजीकरण को विभिन्न सरकारों द्वारा 1991 से लाया जाता रहा है और यूनियनों द्वारा इसके विरोध में पिछले 36 वर्षों में 54 हड़ताल की गई हैं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।- उन्होंने बैंक कर्जदारों के बारे मे जानकारी दी कि बैंको में हिंदुस्तान के गरीब जनता का 2.25 लाख करोड़ रुपए है । उन्होंने जानकारी दी कि करीब 6 लाख करोड़ रूपए का ऋण भारत के बड़े घरानों द्वारा लिया गया था उसकी वसूली न होने पर उसे माफ कर दिया गया जिससे बैंकों के शुद्ध लाभ में वित्तीय नुकसान हुआ।
इसके पश्चात अतिथियों को छतीसगढ़ का राजकीय गमछा पहनाकर एवं बस्तर आर्ट से बना स्मृति चिह्न दे कर सम्मानित किया गया।
सभा के दूसरे चरण में प्रतिनिधि सत्र का आयोजन हुआ जिसमें सीजीबीईए के महासचिव शिरीष नलगुंडवार ने महासचिव प्रतिवेदन, एसके अग्रवाल कोषाध्यक्ष अकाउंट्स प्रस्तुत किया। सभा के अंत में वर्ष 2026 से 2029 तक के कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी
में शिरीष नलगुंडवार चेयरमैन, ओम वर्मा अध्यक्ष, पीके दास महासचिव एवं अजय कुलकर्णी कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस सम्मेलन में धर्मराज महापात्रा एलआईसी यूनियन, सुरेश बानी इनबेफ , रत्नेश चौधरी पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारी संगठन, हरिनाथ सिंह एआईटीयूसी के तरफ से शामिल हुए


