रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 जनवरी। जीएसटी के डीजीजीआई ने गुरुवार को शहर के एक कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। उसने 14 करोड़ की जीएसटी चोरी की थी। ये टैक्स उसने फर्जी एनवाइस के जरिए की थी। उससे पूछताछ और जांच के दौरान 80 करोड़ के फर्जी बिल जारी कर यह कर चोरी की थी।
डी.जी.जी.आई रायपुर जोनल यूनिट विभाग ने जांच में पाया कि संतोष वाधवानी अपने बेटे के नाम पर पंजीकृत मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी नामक फर्म का संचालन कर रहे थे। उन्हें 29 जनवरी को शाम लगभग 09 बजे को रायपुर में बड़े पैमाने पर कर चोरी के मामले में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में इनवॉइस का मूल्य लगभग 80 करोड़ रुपये है और कर चोरी 14 करोड़ रुप?ए की निकली है। संतोष वाधवानी को बिना माल या सेवाओं की आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस के माध्यम से धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाते हुए पाया। इससे सरकारी खजाने में कर राजस्व को काफी नुकसान हुआ।
इससे कारोबारी ताल्लुक रखने वाले आपूर्तिकर्ताओं के बैंक स्टेटमेंट और करदाता के ई-वे बिल डेटा और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच करने के बाद, यह निष्कर्ष निकाला गया कि संतोष वाधवानी फर्जी इनवॉइस के आधार पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने में लिप्त था।
पर्याप्त सबूत इक_ा करने के बाद, चूंकि इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि 5 करोड़ से अधिक है, इसलिए आरोपी को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के प्रावधानों के तहत अधिनियम की धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए गिरफ्तार किया गया। संतोष वाधवानी को रायपुर जिला न्यायालय में पेश कर कल शाम न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में इसके अन्य कारोबारी सहयोगियों की पहचान कर आगे की जांच चल रही है।


