रायपुर

जनगणना अप्रैल से, 63 हजार शिक्षकों की लगेगी ड्यूटी
07-Jan-2026 6:26 PM
जनगणना अप्रैल से, 63 हजार शिक्षकों की लगेगी ड्यूटी

तैयारियां तेज, राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की प्रथम बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 7 जनवरी। इस वर्ष स्कूली शिक्षकों को ग्रीष्म कालीन छुट्टियों में घूमने फिरने का अवसर नहीं मिलेगा।  वार्षिक परीक्षाओं से मुक्त होने के बाद सभी जनगणना कार्य में तैनात किए जाएंगे।

 मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय  जनगणना समन्वय समिति (एस.एल.सी.सी.सी.) की प्रथम बैठक में इस पर चर्चा हुई।  मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में हुई  बैठक में एसीएस गृह एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना)  मनोज पिंगुआ,  निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय  कार्तिकेय गोयल, एनआईसी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्री गोयल ने पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से जनगणना 2027 की रूपरेखा, प्रारम्भिक तैयारियाँ, डिजिटल रोडमैप एवं संगठनात्मक ढाँचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया  कि भारत की जनगणना 2027  डिजिटली  होगी। इसमें मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा तथा संपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन वेब-पोर्टल के माध्यम से होगा। इस बार जनगणना में स्व-गणना  का प्रावधान भी किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य शासन के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था की जाएगी।इस वृहद कार्य में लगभग 63 हजार प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक कार्मिकों की भी आवश्यकता होगी। इनमें  अधिकांश स्कूली शिक्षक और अन्य अधिकारी होंगे।

बैठक में बताया गया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान-सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 अप्रैल से 30 सितम्बर  के बीच 30 दिवस की अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। मुख्य सचिव  विकास शील ने संबंधित विभागों को स्कूलों में पढ़ाई, मानसून आदि को ध्यान में रखते हुए उक्त 30 दिवस की अवधि निर्धारित करने के निर्देश दिए।

इसे देखते हुए शील ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि वे जनगणना के इस द्वितीय चरण को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 का शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करें।

जनगणना 2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य पूरे देश में एक साथ फरवरी 2027 में किया जाएगा। निदेशक ने कवर्धा के कुकदूर एवं महासमुंद तहसीलों के कुछ चयनित ग्रामों , रायपुर नगर निगम के एक वार्ड में संपादित पूर्व-परीक्षण के अनुभवों को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया ।


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