रायपुर

एनडीपीएस के तहत 10 साल की कैद, 1 लाख अर्थदंड भी
03-Jan-2026 9:39 PM
एनडीपीएस के तहत 10 साल की कैद, 1 लाख अर्थदंड भी

रायपुर, 3 जनवरी। एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत दविन्दर सिंह नामक आरोपी को  10 साल की कठोर कारावास की सजा और 1 लाख रुपये अर्थदंड के साथ जेल भेजा गया। यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.) पंकज कुमार सिन्हा के आदेशानुसार हुई। आरोपी दविन्दर सिंह पिता रणधीर सिंह, उम्र 38 वर्ष, निवासी खारून ग्रीन सिटी, पलाश 33, कुम्हारी, जिला दुर्ग छत्तीसगढ़, ने स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21(क्च) के तहत दोष सिद्ध पाया गया था।  अदालत ने आरोपी के विरुद्ध विशेष दंडिक (एन.डी.पी.एस.) कमांक 48/2021, थाना कबीर नगर, अपराध कमांक 35/2021 के मामले में सजा सुनाई। इसके तहत दविन्दर सिंह को 10 वर्ष का कठोर कारावास दिया गया और 1,00,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त 2 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा।

जेल में तामीली प्रक्रिया अदालत ने केंद्रीय जेल रायपुर के सुपरिन्टेंडेंट को वारंट जारी करते हुए निर्देश दिया कि आरोपी को हिरासत में लेकर दी गई सजा की पूरी तामीली विधिवत कानून के अनुसार की जाए। आरोपी द्वारा अन्वेषण और विचारण के दौरान न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा, जैसा कि दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 में उल्लेख है।  जुर्माना और ढ्ढक्कष्ट प्रावधान अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अर्थदंड का कोई हिस्सा बीच में वसूल या दाखिल हो जाता है, तो यह जुर्माना उस सजा की कटौती में शामिल माना जाएगा। इस प्रक्रिया में भारतीय दंड संहिता की धारा 68 और 69 लागू होगी, और किसी भी तरह की तामीली पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट अदालत को जमा करनी होगी।


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