रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 दिसंबर। सत्तारूढ़ भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 58वां प्रांत अधिवेशन पिछले दिनों भिलाई में आयोजित किया गया था। इस बैठक में हुई चर्चा और प्रारित प्रस्ताओं को लेकर परिषद के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी, सहमंत्री प्रथम राव महानगर प्रमुख इशा नामदेव ने गुरुवार को रायपुर में पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने जो जानकारी दी उसके मुताबिक राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग, और व्यापमं की भर्ती प्रक्रिया को लेकर संगठन संतुष्ट नहीं है। छात्र नेताओं का कहना था कि प्रदेश के स्कूलों में 200180 पदों में से 30561 पद रिक्त हैं। किन्तु सरकार द्वारा केवल 5 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है, जो कि निराशाजनक है। छात्र नेताओं ने कहा छत्तीसगढ़ में व्यापमं सरकारी नौकरी का अवसर प्रदान करने वाला अहम माध्ययम है। लेकिन इसमें बढ़ती अनियमितता, एवं पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल चिंतनीय है। एडीओ भर्ती परीक्षा में नकल, लगातार प्रश्न विलोपन, चेकिंग में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की खबरों ने व्यापमं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है।
कॉलेज विवि में शोध के लिए सुविधाओं का अभाव होने से प्रदेश में 1 प्रतिशत से भी कम विद्यार्थी शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ पा रहे हैं। साथ ही परिषद ने राज्य के किसी भी विवि के एनआईआरएफ रैकिंग में शीर्ष के 100 स्थानों पर न आने के लिए उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के अंतर को रेखाकिंत किया है। परिषद ने अपने अधिवेशन में सरकार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की शैक्षिक व्यवस्था सुधार के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण, छत्तीसगढ़ कौशल प्रशिक्षण विवि स्थापित की जाए। इसी तरह से नशा मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए एनसीबी का पूर्णकालिक स्थापित करने, सर्च अभियान तेज करना की मांग की है।


