रायपुर

एसपी का तबादला नहीं, निलंबित करे सरकार-सर्व समाज
23-Dec-2025 4:15 PM
एसपी का तबादला नहीं, निलंबित करे सरकार-सर्व समाज

कांकेर घटना के विरोध में कल छत्तीसगढ़ बंद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 23 दिसंबर। सर्व समाज, छत्तीसगढ़ यह स्पष्ट रूप से अवगत कराता है कि प्रदेश में लगातार उत्पन्न हो रही सामाजिक अशांति, जनजातीय आस्था पर आघात तथा संगठित रूप से पैदा किए जा रहे सांस्कृतिक टकराव के विरोध में कल  24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया  है।

सर्व समाज के नेता देवेन्द्र टेकाम व सदस्यों ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि  आमाबेड़ा क्षेत्र में हाल ही में घटित घटना कोई पहली या एकमात्र घटना नहीं है। इस प्रकार की घटनाएं इससे पूर्व भी छत्तीसगढ़ के ना सिर्फ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों में सामने आती रही हैं, बल्कि कई बार मैदानी क्षेत्रों में भी विवाद की स्थिति बनी है।

एक निश्चित पैटर्न के अंतर्गत ईसाई मिशनरियों एवं उनसे जुड़े कन्वर्जन-प्रेरित समूहों द्वारा सुनियोजित ढंग से ऐसे हालात निर्मित किए जा रहे हैं, जिनसे समाज में तनाव, टकराव और सामाजिक वैमनस्य फैल रहा है। दुर्भाग्यवश, इन घटनाओं का सीधा दुष्परिणाम सर्व समाज, विशेषकर जनजातीय समुदायों को भुगतना पड़ रहा है।

 उन्होंने कहा कि आमाबेड़ा की घटना ने इस वास्तविकता को और अधिक उजागर किया है कि पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका, जनजातीय आस्था एवं परंपराओं की संवैधानिक सुरक्षा को गंभीर रूप से नजरअंदाज किया गया। स्थानीय विरोध और संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद जिस प्रकार जिला पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता, भीम आर्मी जैसे बाहरी संगठनों की संगठित भूमिका तथा पक्षपातपूर्ण कार्रवाइयां सामने आई, उसने जिला पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। समाज की मांगों को लेकर टेकाम ने कहा कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को यथाशीघ्र प्रभावी एवं सख्ती के साथ लागू किया जाए।  इस संगठित हमले के लिए जिम्मेदार भीम आर्मी से जुड़े तत्वों एवं ईसाई समूहों के सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम धाराओं के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई की जाए।

 

जनजातीय समाज के लोगों के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने  के गंभीर आरोपों को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक, कांकेर इंदिरा कल्याण एलेसेला को तत्काल निलंबित किया जाए तथा उनकी संदिग्ध भूमिका की स्वतंत्र निम्मक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

शव दफन की प्रक्रिया के दौरान पक्षपातपूर्ण प्रशासनिक रवैया अपनाने तथा हिंदू समाज पर दुर्भावनापूर्ण एवं असत्य असोप लगाने वाले एसडीएम ए. एस. पैकरा एवं तहसीलदार सुधीर खलखो को निलंबित कर उनकी संदिग्ध भूमिका की निष्पक्ष जांच  की जाए। जनजातीय ग्रामीणों के विरुद्ध पक्षपातपूर्ण ढंग से की गई पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाइयों को तत्काल निरस्त किया जाए।


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