रायपुर
ओडिशा की सर्वदलीय बैठक पर नजर, ट्रिब्यूनल में 7 फरवरी को सुनवाई
‘छत्तीसगढ़’ की विशेष रिपोर्ट
रायपुर, 22 दिसंबर (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता )। महानदी जल विवाद निर्णायक मोड़ पर है। इस कड़ी में ट्रिब्यूनल में छत्तीसगढ़ और ओडिशा, दोनों ने जल विवाद सुलझाने के लिए और समय देने की गुजारिश की है, जिसके बाद सुनवाई की तिथि बढ़ाकर 7 फरवरी रखी गई है। इन सबके बीच ओडिशा सरकार ने महानदी जल बंटवारे पर सर्वदलीय बैठक भी रखी है, इस पर छत्तीसगढ़ सरकार की नजरें टिकी हुई है।
महानदी जल विवाद पर ट्रिब्यूनल में शनिवार को सुनवाई हुई। ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज श्रीमती बेला एस त्रिवेदी हैं। बताया गया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा सरकार ने एकमत होकर अब तक प्रयासों की जानकारी दी। ट्रिब्यूनल को बताया कि अभी इंजीनियर्स स्तर पर गठित कमेटी की बैठक जारी है। इसके बाद सचिव, और दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक होगी।
सूत्रों के मुताबिक दोनों राज्यों ने बताया कि बैठक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके ट्रिब्यूनल ने 7 सुनवाई तक आपसी चर्चा के लिए हल निकालने का समय दिया है।
दूसरी तरफ, दोनों ही राज्यों के इंजीनियर्स की बैठक में माना गया कि बारिश का पानी रोके बिना समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं है। वजह यह है कि महानदी का 30 से 40 फीसदी पानी समुद्र में चला जाता है। गर्मियों में बेसिन की नदियों में पानी नहीं रहता है। गर्मियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महानदी पर बड़े बांध का निर्माण जरूरी है तभी गर्मियों में पानी छोड़ा जा सकता है।
महानदी करीब 9 सौ किलोमीटर लंबी है। इसमें 357 किमी छत्तीसगढ़, और 494 किमी ओडि़शा में बहती है। महानदी बेसिन में कुल 7 नदियां आती है। इनमें शिवनाथ, हसदेव, मांड, तेल, जोंक, इब और ओंग नदी है। गर्मियों में नदियों में पानी नहीं रहता है। विवादों की वजह से पिछले 15 साल में एक भी नए स्ट्रक्चर का निर्माण नहीं हो पाया है। दोनों राज्यों में औद्योगीकरण, और सिंचाई सुविधा में बढ़ोतरी के चलते ज्यादा से ज्यादा पानी के लिए खींचतान चल रही है। पिछली सरकारों में सीएम स्तर पर भी विवाद सुलझाने के लिए दिल्ली में बैठक हुई थी।
ओडिशा ने गर्मियों में बेसिन से ज्यादा पानी की डिमांड की है, जबकि छत्तीसगढ़ ने असहमति जताई है। ‘छत्तीसगढ़’ के एक अफसर ने बताया गया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी गर्मियों में पानी की उपलब्धता का मूल्यांकन कर रही है, और इस बात पर भी सहमति बन रही है कि बड़े स्ट्रक्चर के निर्माण के बिना गर्मियों के लिए छत्तीसगढ़ के लिए पानी उपलब्ध करा पाना संभव नहीं है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक सीएम विष्णुदेव साय की ओडिशा के सीएम मोहनचरण मांझी के साथ जल विवाद निपटारे के लिए एक बैठक हो चुकी है। इससे परे ओडिशा सरकार ने अपने यहां एक सर्वदलीय कमेटी बनाई है जो कि जल बंटवारे को लेकर विमर्श करेगी। सर्वदलीय बैठक की जल्द बैठक होने जा रही है, इस पर छत्तीसगढ़ सरकार की नजर है।
दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है। दोनों ही राज्य आपसी चर्चा से विवाद सुलझाने पर जोर दे रहा है। अब तक के प्रयासों का प्रतिफल यह रहा कि बेसिन पर निर्माणाधीन एक दूसरे प्रोजेक्ट को पूरा करने पर सहमति बनी थी। मगर जल बंटवारे पर काफी कुछ होना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक दोनों राज्य के सीएम के बीच में भी जल बंटवारे को लेकर एक बार फिर बैठक हो सकती है। कुल मिलाकर अब तक की चर्चा को सकारात्मक माना जा रहा है। बहरहाल, आने वाले दिनों में इसको लेकर सही स्थिति आने की उम्मीद है।


