रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 दिसम्बर। फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग बालिका से बलात्कार के आरोप में सोम बाघ उर्फ हेमंता घोष को दोषी ठहराया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अच्छेलाल काछी ने मंगलवार को सुनाया। न्यायालय ने आरोपी को धारा 64(2) (ड), 65 (1) तथा पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत दोषसिद्ध माना है। पीड़िता की उम्र घटना के समय मात्र 13 वर्ष 3 माह थी।
लोक अभियोजक डालेश्वर साहू ने बताया कि पीडि़ता घरेलू काम के सिलसिले में जिस घर में जाती थी। उसी स्थान के पास निर्माण कार्य चल रहा था, जहां आरोपी मजदूरी करता था। आरोपी ने पीडि़ता से बातचीत शुरू कर प्रेम का झांसा दिया और 20 अगस्त 2024 की रात उसे मिलने बुलाया। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग दिनों में पीडि़ता के साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस बारे में किसी को बताने पर धमकी भी दी। कुछ दिन बाद नाबालिग गर्भवती हो गई। तब इस बात कर जानकारी परिजनों कों हुई। परिजन उसे मेकाहारा अस्पताल रायपुर लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय जांच में गर्भवती होना पाया गया। इसके बाद परिजनों ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे धारा 64-2 (ड) पाक्सों मामले में न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने गवाहों और साक्ष्यों के साथ पीडि़ता के बयान के आधार पर सोम बाघ उर्फ हेमंता घोष को दोषी ठहराया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने पीडि़ता को क्षतिपूर्ति, प्रतिकार राशि 7 लाख देने पर अनुशंसा की गई।


