रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 अगस्त। छत्तीसगढ़ के प्रशासन पर हाल के वर्षों में लग रहे दाग के बीच यह सुखद खबर कही जा सकती है । वह यह कि बीते पांच वर्ष के दौरान प्रदेश का एक भी सिविल सेवा अफसर सीबीआई के घेरे में नहीं आया। हालांकि वर्ष 2018 से छत्तीसगढ़ में सीबीआई कि जांच पर राज्य सरकार ने रोक लगा रखी है ।
यहां यह उल्लेख गैरजरूरी न होगा कि इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने दो आईएएस, एक आईटीएस,एक राप्रसे और दो माइनिंग अफसरों को गिरफ्तार किया है। लोकसभा में दी गई एक जानकारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों 2018 से 30 जून 23 के दौरान सीबीआई ने विभिन्न सिविल सेवा अधिकारियों के खिलाफ 135 मामले (नियमित मामले/प्रारंभिक पूछताछ) दर्ज किए हैं ।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुताबिक इन 135 मामलों में से 57 मामलों में मुकदमे के लिए संबंधित अदालतों में आरोप पत्र दायर किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा-पिछले पांच वर्षों ( 2018 से 22) में, सीवीसी (केंद्रीय सतर्कता आयोग) ने पहले चरण की सलाह के दौरान 12,756 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की । और दूसरे चरण में 887 अधिकारियों में से 719 अधिकारियों के संबंध में अभियोजन की स्वीकृति की अनुशंसा की है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान सिविल सेवा अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज मामलों का राज्य-वार विवरण [2018 से 2022 और 2023 (30.06.2023 अफसर।
राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के नाम दर्ज मामलों की संख्या
आंध्र प्रदेश 1
अरुणाचल प्रदेश 1
असम 4
बिहार 5
गोवा 2
गुजरात 7
हरियाणा 9
जम्मू-कश्मीर 10
झारखंड 6
कर्नाटक 5
केरल 1
महाराष्ट्र 24
मणिपुर 2
मेघालय 1
ओडिशा 2
पंजाब 6
राजस्थान 6
तमिल नाडु 5
तेलंगाना 6
उत्तर प्रदेश 11
पश्चिम बंगाल 1


