रायपुर
भूपेश परिवारों का भावनात्मक शोषण कर रहे-चंद्राकर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर,25 मई। झीरम घाटी हमले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बघेल सरकार ऐसी निर्लज्ज और निकम्मी सरकार है जो अपनों की मौत के गुनहगारों को जेल में नहीं डाल सकी,उन्हें सजा दिलाकर बदला भी नहीं ले सकी है। बृजमोहन ने कहा कि झीरम घटना सिर्फ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए ही नहीं हमारे लिए भी भावनात्मक है। दिवंगत नेता हमारे भी पारिवारिक मित्र थे। रही बात सवाल की तो इस घटना को लेकर हमारे मन में, आम जनता के मन में भी ढेरों सवाल उठते हैं। जिसका जवाब हमे भी मुख्यमंत्री से चाहिए।
बृजमोहन ने भूपेश बघेल से पूछा है कि आपने कहा कि नक्सलियों ने पूछ पूछ कर गोली मारी है। आप यह भी बता दीजिए किससे पूछ कर गोली मारी है। आप जनता को यह क्यों नही बताते कि नाम पूछकर जिसको छोड़ा गया आज वो आपके मंत्रिमंडल का प्रमुख सहयोगी है।
बृजमोहन ने सवाल किया कि आज छत्तीसगढ़ में संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने झीरम घटना के बाद अस्पताल में किस व्यक्ति को झापड़ मारा था? कौन नेता है जो झीरम घटना के बाद वहां से मोटरसाइकिल पर निकला था। भूपेश बघेल और उनकी टीम के लोग दिल्ली जाकर कौन सा वीडियो ऑडियो राहुल गांधी सोनिया गांधी को सुना आए थे? बृजमोहन ने उनसे कहा कि आप तो कहते थे गुनहगारों का नाम जेब में लिए घूम रहा हूं। इतने सालों से किसने आपको रोका है नाम सार्वजनिक करने से?
झीरम मामले में राजनीतिक बयानबाजी करके आप लोगों को नही भटका सकते। पूरे देश को पता है कि झीरम घटना के बाद खलबली कांग्रेस पार्टी के भीतर ही मची थी। इस घटना के बाद ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के 2 टुकड़े हुए थे।
इस दौरान चले गंभीर आरोप प्रत्यारोप के दौर को सभी ने देखा है। आज भूपेश बघेल नारकोटेस्ट की बात कर रहे हैं ऐसे में सबसे पहले तो उन्हें अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी का नारको टेस्ट कराना चाहिए।बृजमोहन ने कहा कि सत्य को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।
आपकी कांग्रेस पार्टी का नक्सलियों के साथ कैसा संबंध है यह जग जाहिर है। पूरे देश भर के नक्सलियों के हिमायती आज कांग्रेस पार्टी की गोद में बैठे है।
लखमा-बैदू प्रत्यक्षदर्शी
पूर्व मंत्री और मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने एक वीडियो बयान में कहा कि दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सीएम भूपेश बघेल इस विषय को राजनीतिक बना दिया है। वह अपनी पार्टी के नेताओं को खोने के बाद परिवारजनों का भावनात्मक शोषण कर रहे हैं। यह विषय राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का नहीं है। इस घटना के मंत्रिमंडल के सहयोगी कवासी लखमा और कांग्रेस नेता मलकित सिंह बैदू प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्हें जांच के लिए अलग कानून बना लेना चाहिए।


