रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 सितंबर। नेवनारा हसदा इलाका के अनेको गाँव के कृषि भूमि में फैक्ट्री लगने और सिलतरा इलाका में स्थापित उधोगों के प्रदूषण से कृषि जल और जनजीवन को बरबादी से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सयुंक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हसदा के बाजार चौक में दोपहर 2 बजे किसानों का सम्मेलन सम्पन्न हुई। जिसमें 25 गांव के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
किसान सम्मेलन के मुख्यअतिथि राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे, विशेष अतिथि भूतपूर्व जिला पंचायत सदस्य तोरण लाल नायक, और इं.अशोक ताम्रकार थे। अध्यक्षता एवं प्रवक्ता जागेश्वर प्रसाद ने किया। किसानों को सम्बोधित करते हुए अनिल दुबे ने कहा कि दो फसली और दलहन की कोठी कहे जाने वाली बेमेतरा जिला के अनेकों छेत्रों में उद्योगपतियो द्वारा षडय़ंत्र पूर्वक लगाए जाने वाले कारखानों संरक्षण देने वाले शासन-प्रशासन को कहा कि कृषि क्षेत्र में उद्योग नहीं लगने देगें।
औद्योगिक प्रदूषण से केवल कृषि भर बर्बाद नहीं होगा, बल्कि इससे जमीन,जल,जनजीवन और संस्कृति भी बर्बाद होगी। इसलिए पंचायतीराज्य के ग्राम सरकार यदि मंजूरी नही देगी तो किसी की हिम्मत नही है कि कृषि भूमि पर कोई उद्योग लगा सके।


