रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 8 मई। ऑपरेशन तलाश के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में चक्रधरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपी अजय कुमार पिल्लई उर्फ अज्जु पिल्लई को जगदलपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए वैधानिक कार्रवाई की है।
मामले में प्रार्थी राकेश कुमार नागवानी (43 वर्ष) निवासी कृष्ण वाटिका, बोईरदादर, थाना चक्रधरनगर, जिला रायगढ़ द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि वह वाहन खरीदी-बिक्री का कार्य करता है। वर्ष 2021 में उसने विभिन्न फायनेंस कंपनियों की नीलामी से करीब 50 वाहन, कार, ट्रैक्टर एवं जेसीबी मशीन खरीदी थी। पुराने मॉडल के इन वाहनों का पंजीयन आरटीओ कार्यालय से कराने के नाम पर आरोपी अजय कुमार पिल्लई उर्फ अज्जु पिल्लई निवासी लालबाग, जगदलपुर एवं उसके साथी विपिन साहू ने स्वयं को आरटीओ एजेंट बताकर संपर्क किया और रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करने के नाम पर समय-समय पर रकम लेते रहे। प्रार्थी ने आरोपियों के कहने पर अलग-अलग माध्यमों से रकम ट्रांसफर की। बाद में आरोपियों द्वारा कुछ वाहनों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, लेकिन जांच में पाया गया कि वाहन प्रार्थी के नाम पर पंजीकृत न होकर अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज किए गए थे। जब प्रार्थी ने आरटीओ कार्यालय से जानकारी ली तो पूरे मामले में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। शिकायत की जांच डीएसपी मुख्यालय रायगढ़ द्वारा की गई, जिसमें आरोपी द्वारा वाहन पंजीयन के नाम पर 6,93,000 रुपए प्राप्त कर धोखाधड़ी करना पाया गया। इस आधार पर थाना चक्रधरनगर में 29 जुलाई 2025 को धारा 420 भादवि के तहत आरोपित अजय कुमार पिल्लई उर्फ अज्जु पिल्लई के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
जांच के दौरान प्रार्थी ने यह भी बताया कि शिकायत के बाद आरोपी द्वारा रकम लौटाने के नाम पर दो चेक दिए गए, जिनमें एक चेक बाउंस हो गया जबकि दूसरा गलत जानकारी देकर दिया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि आरोपी जानबूझकर धोखाधड़ी कर रहा था।
इसी क्रम में थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा ने फरार आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाई गई और आरोपी का लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम को जगदलपुर रवाना किया, जहां दबिश देकर आरोपी अजय कुमार पिल्लई को हिरासत में लिया गया और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश कर वैधानिक कार्रवाई की गई।


