रायगढ़

तेल संकट के बीच ड्रम में बिक रहा था डीजल
18-May-2026 3:08 PM
तेल संकट के बीच ड्रम में बिक रहा था डीजल

ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर ने दिये कार्रवाई का भरोसा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 18 मई। धरमजयगढ़ ब्लॉक के हाटी स्थित इंडियन ऑयल के इंद्रा पेट्रोलियम पंप में ईंधन संकट के बीच बड़ी मात्रा में डीजल ड्रमों में बेचने का मामला सामने आया है। जिसको लेकर जिला कलेक्टर को मिडिया के माध्यम से जानकारी दी गई हैं वही उनके तरफ से कार्रवाई का भरोसा दिया है।

जानकारी के मुताबिक एक निजी कंपनी को लगभग 600 लीटर डीजल ड्रम में उपलब्ध कराया गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों और आम उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों में डीजल-पेट्रोल की कमी बनी हुई है। कई जगहों पर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है, जबकि कुछ पंपों में केवल इमरजेंसी सेवाओं के लिए ही पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे समय में एक ही ग्राहक को भारी मात्रा में डीजल दिए जाने पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आम नागरिक घंटों लाइन में लगने के बावजूद पर्याप्त ईंधन नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, जबकि निजी कंपनियों को खुलेआम ड्रमों में डीजल दिया जा रहा है। मौके की तस्वीरों में कई ड्रम दिखाई देने के बाद लोगों ने आशंका जताई कि वास्तविक मात्रा 600 लीटर से भी अधिक हो सकती है।

इंद्रा पेट्रोलियम पंप की संचालिका ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि संबंधित एमईसीएल कंपनी उनका पुराना ग्राहक है और वह हमेशा उनके पंप से ही डीजल लेती है। इसी वजह से कंपनी को ड्रमों में डीजल उपलब्ध कराया गया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब पूरे क्षेत्र में ईंधन संकट गहराया हुआ है, तब किसी एक कंपनी को प्राथमिकता देना आम जनता के साथ अन्याय है।

 

ईंधन संकट का असर अब ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। डीजल की कमी के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, माल ढुलाई महंगी होने लगी है और आवश्यक वस्तुओं के दाम बढऩे लगे हैं। किसान खेती-किसानी के कामों में परेशान हैं, वहीं मजदूर, छात्र और छोटे व्यापारी भी संकट झेल रहे हैं।

कलेक्टर ने दिए जांच का भरोसा

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला कलेक्टर ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।


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