रायगढ़
वेतन के बदले मांगी थी रिश्वत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 18 अप्रैल। वेतन रोककर रिश्वत मांगने का खेल आखिरकार बेनकाब हो गया। छत्तीसगढ़ में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसीबी बिलासपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया, वहीं इस पूरे खेल में सहयोग कर रहे संकुल समन्वयक संजय चौहान को भी गिरफ्त में लिया गया।
पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली के शिक्षक निरंजन बरिहा और उनके साथी मुकेश सोना का मार्च माह का वेतन रोक दिया गया था। वजह सिर्फ आधे घंटे की देरी। नोटिस का जवाब देने के बावजूद वेतन जारी नहीं हुआ, बल्कि बदले में मांगी गई रिश्वत 5-5 हजार, कुल 10 हजार रुपये।
शिक्षक ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि संकुल समन्वयक संजय चौहान इस लेन-देन में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। 17 अप्रैल को योजनाबद्ध तरीके से शिक्षक को रिश्वत देने भेजा गया। जैसे ही खंड शिक्षा अधिकारी ने पैसे लेकर टेबल के दराज में रखे, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। मौके से पूरी रकम बरामद कर ली गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है।


