रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 17 अप्रैल। गुरुवार की शाम हाथियों के एक दल को सडक़ किनारे देखा गया, इस दौरान काफी देर तक वाहनों के पहिए थमे रहे, हाथियों के सडक़ पार कर दूसरे जंगल जाने के बाद लोगो को आगवामन शुरू हो सका। रायगढ़ में 133 हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है।
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की संख्या अब 133 तक पहुंच चुकी है। हाथियों के इस दल में 31 नर, 67 मादा के अलावा 35 शावक शामिल है। सबसे अधिक हाथी छाल रेंज के बोजिया में 35, पोटिया में 30, छाल में 13, लैलूंगा के आमापाली में 13, आमगांव में 15 के अलावा अलग-अलग रेंज में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों के इसी दल में से एक दल को कल शाम 10 हाथियों का एक दल सडक़ किनारे आ पहुंचा था, जिससे कुछ देर तक इस मार्ग में आवागमन बंद कर दिया गया था।
हाथियों का यह दल आमगांव परिसर 368 आरएफ जंगल से निकलकर रायगढ़ रोड को पार कर के 367 आरएफ जंगल की ओर जाने के बाद ही इस मार्ग में वाहनों का परिचालन शुरू हो सका। मौके पर मौजूद वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम ने शेरवन दर्रीडीह, ओंगना, पोटिया, खलबोरा के अलावा आसपास के अन्य गांव के लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम हाथियों के दल पर निगरानी बनाए हुए है।
विदित रहे कि धरमजयगढ़ वनमण्डल में हाथियों की संख्या अधिक होने के चलते हाथी प्रभावित गांव के ग्रामीणों में न केवल दहशत का माहौल है, बल्कि हाथियों के द्वारा लगातार किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
14 किसानों की फसल को नुकसान
बीती रात हाथियों के दल ने 14 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जिसमें बोरो रेंज में 11 किसानों के धान एवं मुंगफली के अलावा धरमजयगढ़ के बायसी क्षेत्र के मेढऱमार गांव में 3 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। आज सुबह मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर नुकसान के आकलन में जुट गई है।


