रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 5 अप्रैल। अंतर्राज्यीय बाईक चोर गिरोह का खुलासा करते हुए रायगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चोरी की बाईक खरीदने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की 21 मोटर सायकल बरामद की है। चोरी की बाईक की कीमत करीब 15 लाख रूपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चोरी की 21 मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया गया है, उसका साथी शिव नागवंशी फरार है।
पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बरामद 21 मोटरसाइकिलों की बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को पुराने चोरों और बाइक चोरी करने वालों पर विशेष निगाह रखने निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में साइबर सेल को क्षेत्र में मुखबिर सक्रिय कर संगठित रूप से बाइक चोरी करने वालों पर निगरानी रखने कहा गया था।
संयुक्त टीम ने ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर बाइक चोरी करना और उन्हें बेचने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में थाना पूंजीपथरा क्षेत्र के सराईपाली बाजार से एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल और अगस्त 2025 में तुमीडीह बाजार से एक पल्सर मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा मार्च 2026 में थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एक एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया। इन मामलों में थाना पूंजीपथरा और थाना धरमजयगढ़ में पूर्व से अपराध दर्ज हैं।
आरोपी सुखदेव चौहान ने बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को बेची थीं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं आरोपी सुखदेव चौहान द्वारा अपने बाड़ी में छिपाकर रखी गई 7 अन्य मोटरसाइकिल भी जप्त की गई।
पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है, जिनकी बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये है। आरोपियों द्वारा संगठित रूप से बाइक चोरी करना स्वीकार किए जाने पर प्रकरण में धारा 112(1) बीएनएस जोड़ी गई है। वहीं चोरी की संपत्ति खरीदने वाले आरोपियों के विरुद्ध धारा 317(2),317(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों पेशे से ड्राइवर हैं और गाडिय़ों की मरम्मत का काम भी जानते हैं। इसी वजह से वे पेचकस और अन्य सामान्य औजारों की मदद से आसानी से मोटरसाइकिल का लॉक तोडक़र बाइक चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वे मोटरसाइकिलों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में सस्ते दामों में बेच देते थे।


