रायगढ़
व्यापारियों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 1 अप्रैल। शहर के इतवारी बाजार को पूर्ववत संचालित करने की मांग को लेकर रविवार को इतवारी बाजार संगठन के व्यापारियों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बाजार को उसी स्थान पर लगाने की लिखित अनुमति देने की मांग की। व्यवसायियों के इस प्रदर्शन को कांग्रेस का भरपूर समर्थन मिला।
कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि शहर में वर्षों से हर रविवार को साप्ताहिक इतवारी बाजार लगता आ रहा है, जिसमें लगभग 1000 के आसपास दुकानें लगती हैं। यहां सिर्फ सब्जी ही नहीं बल्कि दैनिक उपयोग की घरेलू वस्तुओं की भी बिक्री होती है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार परिसर में ऑक्सीजोन का निर्माण प्रस्तावित होने के समय भी जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि सप्ताह के छह दिन ऑक्सीजोन और फूड जोन संचालित होंगे, जबकि रविवार के दिन पूर्व की तरह इतवारी बाजार लगेगा और उस दिन ऑक्सीजोन व फूड जोन की दुकानें बंद रहेंगी। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह इतवारी बाजार के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर बाजार संचालन पर रोक लगा दी गई, जिससे छोटे-बड़े व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि अधिकांश दुकानदारों के पास आजीविका का यही एकमात्र साधन है, ऐसे में बाजार बंद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है। व्यापारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि साप्ताहिक इतवारी बाजार को पूर्ववत उसी परिसर में लगाने की लिखित अनुमति दी जाए, ताकि दुकानदार बिना किसी भय और परेशानी के अपना व्यवसाय कर सकें और जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए आश्वासन पर भरोसा बना रहे।
शहर के इतवारी बाजार स्थल पर चल रहे ऑक्सीजोन निर्माण कार्य के कारण बीते रविवार को छोटे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पर्याप्त जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में कई छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, इतवारी बाजार स्थल पर इन दिनों ऑक्सीजोन का निर्माण कार्य जारी है, जिसके चलते बीते रविवार बाजार नहीं लगाया जा सका। ऐसे में कई छोटे व्यापारियों को मजबूरी में जिला चिकित्सालय और रामनिवास चौक के मुख्य मार्ग के किनारे ही अपनी दुकानें सजानी पड़ीं। सडक़ किनारे दुकानें लगने से पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था की स्थिति बन गई और आवागमन भी प्रभावित हुआ। वही अब इन व्यवसायियों को इतवारी बाजार से बेदखली का डर सता रहा है। जिसकी वजह से बाजार यथावत रखने शासन प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लगे है।


