रायगढ़

नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी
24-Jan-2026 4:01 PM
नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी

छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 24 जनवरी। रायगढ़ जिले में मंत्रालय से अच्छी जान-पहचान होने का झांसा देकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीडि़त कुंजबिहारी पटेल की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना पुसौर थाना क्षेत्र की है, जहां आरोपियों ने कुल 20 लाख, 4 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम घुघवा निवासी कुंजबिहारी पटेल ने पुसौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ग्राम गोपालपुर चंद्रपुर निवासी दुर्गा पाणिग्राही का परिवार उनके गांव का कुल पुरोहित है, जिससे उनका आना-जाना लगा रहता है। दुर्गा पाणिग्राही के पुत्र सितेश पाणिग्राही ने अप्रैल 2022 में कुंजबिहारी पटेल को बताया कि उसका मंत्रालय में परिचय है और एक रिश्तेदार अपर कलेक्टर है। सितेश ने सरकारी नौकरी लगवाने की बात कहते हुए अपने भाई का ऑनलाइन जॉइनिंग लेटर भी दिखाया, जिस पर कुंजबिहारी पटेल ने भरोसा कर लिया। इसके बाद सितेश लगातार संपर्क में रहा।

जमीन बेचकर दी मोटी रकम

पीडि़त ने बताया कि उसने सितेश पाणिग्राही को 22 अप्रैल 2022 को अपनी जमीन बेचकर 4 लाख 58 हजार 300 रुपये दिए। इसके दो महीने बाद उसने फिर से 3 लाख 69 हजार रुपये सितेश को दिए। नौकरी न लगने पर जब पीडि़त ने पैसे वापस मांगे तो सितेश के परिजनों ने टालमटोल करते हुए कहा कि धीरे-धीरे पैसे वापस कर देंगे या फिर जमीन की रजिस्ट्री करा लेंगे।

चेक बाउंस होने पर खुला राज

बाद में पीडि़त को पता चला कि सितेश पाणिग्राही ने नौकरी लगाने के नाम पर गांव के ही मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3 लाख 77 हजार रुपये और देवकुमार पटेल से 8 लाख रुपये की ठगी की है। जब तीनों ने पैसे मांगे तो सितेश उन्हें दुर्ग ले गया। वहां रेलवे स्टेशन के पास विवेक कुमार नामक व्यक्ति मिला, जिसने तीनों को चेक दिए।

जब यह चेक बैंक में जमा किए गए तो वे बाउंस हो गए। इस प्रकार सितेश पाणिग्राही और विवेक कुमार ने मिलकर तीनों युवकों से कुल 20 लाख, 4 हजार रुपये की ठगी की। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


अन्य पोस्ट