रायगढ़

बाबू 1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
03-Jan-2026 10:58 PM
बाबू 1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

साल की शुरूआत में एसीबी की पहली कार्रवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 3 जनवरी।
नए वर्ष की शुरुआत में ही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ में अपनी पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी इकाई बिलासपुर ने रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ स्थित एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को एक ग्रामीण से 1 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी बाबू ने रिश्वत की रकम लेकर संदेह होने पर अपने शासकीय आवास का दरवाजा बंद कर लिया और बाद में डर के कारण रिश्वत की रकम को आवास के पीछे दीवार पार बैग में फेंक दिया। एसीबी टीम ने मौके पर मौजूद रहकर राशि को बरामद कर लिया। एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर को ग्राम अमलीटिकरा, तहसील धर्मजयगढ़, जिला रायगढ़ निवासी राजू कुमार यादव ने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में भूमि क्रय की थी, जिसकी रजिस्ट्री एवं नामांतरण पूर्ण हो चुका है, इसके बावजूद कार्यालय धर्मजयगढ़ में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक द्वारा उसे यह कहकर डराया जा रहा था कि भूमि की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है तथा प्रकरण दर्ज है। डीएसपी सिंह के अनुसार, बाबू अनिल चेलक द्वारा कथित शिकायत को नस्तीबद्ध करने के एवज में 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए गए और आरोपी द्वारा प्रथम किस्त के रूप में 1 लाख रुपए लेने की सहमति दी गई, जिसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। आज शिकायतकर्ता द्वारा व्यवस्था की गई 1 लाख रुपए की राशि आरोपी को उसके धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय आवास पर दी गई। आरोपी ने रिश्वती रकम हाथ में लेते ही संदेह के चलते आवास का दरवाजा बंद कर लिया। बाद में एसीबी टीम द्वारा दबाव बनाने पर दरवाजा खोला गया।

पूछताछ में पहले आरोपी ने राशि से अनभिज्ञता जाहिर की, किंतु गहन पूछताछ के दौरान उसने रिश्वत की रकम आवास के पीछे फेंकने की बात स्वीकार की, जिसे एसीबी स्टाफ ने अपनी आंखों से देखा था। तत्पश्चात 1 लाख रुपए की रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली गई। एसीबी ने आरोपी बाबू अनिल कुमार चेलक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध एसीबी द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नए वर्ष 2026 में यह छत्तीसगढ़ की पहली और बड़ी सफल ट्रैप कार्रवाई मानी जा रही है।  


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