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जयपुर, 6 फरवरी । राजस्थान हाई कोर्ट को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली। हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद एहतिहात के तौर पर परिसर को खाली कराया गया। धमकी मिलने के बाद हाई कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने पुलिस को अलर्ट किया, जिसके बाद बम डिस्पोजल और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को दिन में पहले एक ईमेल मिला था जिसमें दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर के अंदर तीन शक्तिशाली आरडीएक्स बम लगाए गए हैं। धमकी को गंभीरता से लेते हुए जयपुर बेंच में कोर्ट की कार्यवाही तुरंत रोक दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने कोर्टरूम, जजों के चैंबर और वकीलों के चैंबर सहित पूरे परिसर की अच्छी तरह से तलाशी ली। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद, वकीलों और मुवक्किलों के लिए एंट्री फिर से खोल दी गई। इसके बाद जयपुर हाई कोर्ट में कोर्ट की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई। इस बीच, खबर लिखे जाने तक राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच में तलाशी अभियान जारी था। सुरक्षा बल पूरे परिसर में जांच कर रहे थे। एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है। इस कारण इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और वर्तमान में गहन जाँच की जा रही है।
एडवोकेट गोकुलेश बोहरा ने कहा कि लगभग 11 बजे के आसपास धमकी की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद कोर्ट परिसर को सुरक्षित रूप से खाली कराया गया और आवश्यक जाँच प्रक्रिया जारी है। यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। पिछले साल राजस्थान हाई कोर्ट को छह बम की धमकियां मिली थीं। पिछले साल दिसंबर में लगातार पांच दिनों तक धमकी भरे ईमेल मिले, जिससे बार-बार सिक्योरिटी अलर्ट जारी हुए और कोर्ट का काम बाधित हुआ। धमकियों के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हर धमकी को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है और साइबर और इंटेलिजेंस टीमें ईमेल के सोर्स का पता लगाने के लिए काम कर रही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर धमकियां झूठी निकलीं, लेकिन इनसे इमरजेंसी सेवाओं और अस्पताल के कामकाज पर काफी दबाव पड़ा। अन्य संवेदनशील जगहों को भी नहीं बख्शा गया। हाई कोर्ट, सेशन कोर्ट और कलेक्ट्रेट को मिलाकर सात धमकी भरे कॉल आए, जबकि एक प्रमुख सार्वजनिक जगह एसएमएस स्टेडियम में भी ऐसी सात घटनाएं रिपोर्ट की गईं। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार बम धमकियां मिलीं, जिससे सुरक्षा बढ़ा दी गई, फ्लाइट में देरी हुई और यात्रियों को परेशानी हुई। अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने लेकिन सतर्क रहने की अपील की है और चेतावनी दी है कि झूठी बम धमकियां देना एक गंभीर आपराधिक अपराध है, जिसके लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को बार-बार टारगेट किए जाने के कारण, पुलिस और प्रशासन अब सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में दहशत से बचने के लिए निवारक उपायों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। --(आईएएनएस)


