राष्ट्रीय
चेन्नई, 3 फरवरी । तमिलनाडु में हाल ही में अभिनेता और राजनेता विजय के राजनीतिक मंच और लोक गायक वेलमुरुगन के बीच एक विवाद सामने आया। यह विवाद एक भक्ति गीत को लेकर शुरू हुआ। मामला तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की तीसरी सालगिरह समारोह से जुड़ा है, जो 2 फरवरी को चेन्नई के पनैया कार्यालय में आयोजित किया गया था। इस समारोह के दौरान वेलमुरुगन ने भगवान मुरुगन के प्रसिद्ध भक्ति गीत 'मारुथामलई ममानीये' को प्रस्तुति के रूप में गाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गाने के पारंपरिक बोल को बदलकर राजनीतिक संदर्भ जोड़ दिए गए। गीत की पंक्ति 'वरुवाई कुगने' की जगह विजय और टीवीके की तारीफ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया। यह बदलाव मुरुगन भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और भजन का अपमान है। अधिवक्ता कुतराला नाथन ने इस संबंध में नेल्लई म्युनिसिपल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने मांग की कि वेलमुरुगन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, शिकायत में अभिनेता विजय, टीवीके के महासचिव एन. आनंद और पार्टी के अन्य पदाधिकारी अधव अर्जुन को भी नामजद किया गया है। उनका आरोप है कि ये लोग भी इसमें सहभागी थे। शिकायत में कहा गया है कि भक्ति गीत को राजनीतिक उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया, ऐसा करने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। साथ ही, समाज में सांप्रदायिक अस्थिरता पैदा होने की संभावना भी खड़ी होती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के कार्य कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं और धार्मिक समुदाय के बीच गलतफहमी पैदा कर सकते हैं। अधिवक्ता ने कहा, ''इस भक्ति गीत को राजनीतिक लाभ के लिए बदल दिए जाने पर हम मुरुगन भक्तों को गहरा दुख हुआ है।' विजय ने 2 फरवरी 2024 को अपने राजनीतिक दल टीवीके की स्थापना की थी।
इसके बाद से वह तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं और तिरुचिरापल्ली से पहले विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की। इससे पहले करूर में टीवीके की एक सार्वजनिक बैठक के दौरान भगदड़ के बाद उन्होंने थोड़े समय के लिए अपने अभियान को रोका था। हालांकि, बाद में उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों को फिर से शुरू किया। तीसरी सालगिरह समारोह में वेलमुरुगन का संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विजय को उत्साहपूर्वक नाचते हुए देखा गया। समारोह के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिससे विवाद और चर्चा बढ़ गई। कई मुरुगन भक्तों ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने अब तक पुष्टि नहीं की है कि शिकायत के आधार पर औपचारिक रूप से कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं। न ही विजय, वेलमुरुगन या टीवीके के नेतृत्व ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। हालांकि, यह मामला अब चर्चा का विषय बन चुका है और सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। --(आईएएनएस)


