राष्ट्रीय
-शहबाज़ अनवर
बिजनौर, 15 जनवरी । बिजनौर के शेरकोट में बीते वर्ष 24 जुलाई को तीन मज़ारों पर कथित रूप से तोड़फोड़ के आरोप में जेल में बंद अभियुक्त लगभग 28 वर्षीय कमाल की मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार देर रात उसकी मेरठ में अस्पताल में मौत हुई और शनिवार को उसे दफ़्न कर दिया गया. इसी केस में कमाल का छोटा भाई आदिल अभी बिजनौर जेल में ही है.
एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल कहते हैं, "शेरकोट में पिछले साल 24 जुलाई को तीन अलग-अलग मज़ारों में तोड़फोड़ की गई थी. जिस समय ये घटना हुई थी, उस समय कांवड़ यात्रा जारी थी. ऐसे में बहुत संभावना थी कि घटना साम्प्रदायिक रूप ले ले और बवाल हो जाए. कमाल और उसके छोटे भाई आदिल के ख़िलाफ़ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी. दोनों पर गैंगस्टर और एनएसए के तहत भी कार्रवाई की गई थी."
कमाल की मौत की क्या वजह रही, इस बारे में शेरकोट थाना प्रभारी किरणपाल सिंह कहते हैं, "देखिए इस बारे में हमारे पास कोई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तो नहीं आई है, लेकिन जो मौखिक सूचना मिली है उसके मुताबिक़ कमाल को अचानक दौरा पड़ा था. पहले उसे ज़िला अस्पताल और फिर मेरठ रेफर किया गया, जहां शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई."
पिछले साल जुलाई के महीने में जब ये घटना हुई तो मीडिया में ये मामला सुर्खियों में आ गया था. एनआईए से लेकर तमाम जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुट गईं थी. कमाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने भगवा अंगोछा डालकर जानबूझकर माहौल ख़राब करने की कोशिश की थी.
जबकि दूसरी तरफ़ कमाल के घरवाले लगातार मीडिया और पुलिस को कह रहे थे कि उनका बेटा मानसिक रोगी है, उसने सनक के चलते ही यह सब कुछ कर दिया होगा.
कमाल की मौत पर उनके पिता उस्मान अहमद ने कहा, "देखिए क़रीब 16 -17 महीने पहले मेरे एक बेटे की मौत के बाद कमाल के अलावा घर के सभी लोग सदमे में आ गए थे. कमाल कुवैत में नौकरी कर रहा था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए कंपनी ने उसे कुछ समय बाद ही भारत वापस भेज दिया था. यहां हम उसका इलाज करा ही रहे थे कि कमाल पर मज़ारों में तोड़फोड़ का आरोप लगा. उस पर निगाह रखने के लिए भाई आदिल साथ रहता था, लेकिन उस पर भी साज़िश में शामिल होने का आरोप लगा और वह भी जेल चला गया."
पुलिस से बेटे की मौत को लेकर मिली जानकारी पर कमाल के पिता उस्मान अहमद बीबीसी से कहते हैं, "मेरे पास कमाल की तबीयत ख़राब होने की सूचना थाने से बुधवार शाम को मिली. मैं तुरंत ही अपने बेटे से मिलने के लिए बिजनौर अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां से पता लगा कि उसे मेरठ रेफर कर दिया गया है. मैं जब अपने बेटे के पास पहुंचा तो उसकी आंखें फैली हुई थी. चिकित्सक मुझसे बता रहे थे कि रिपोर्ट नॉर्मल है, अब मैं ये पूछना चाहता हूं कि अगर रिपोर्ट नॉर्मल थी तो मेरे बेटे की मौत कैसे हो गई. मुझे बताया गया कि कि दौरा पड़ने की वजह से मेरे बेटे की मौत हुई है." (bbc.com/hindi)