महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 7 मई। महासमुंद जिले में 5 मई की शाम तेज अंधड़ और बारिश से रबी सीजन की खड़ी धान की फ सल खेतों में गिर गई है। खेतों में जलभराव की वजह से दानें खराब हो रही हैं और अधिकांश बालियों से दाने गिरकर जमीन पर पड़ी हुई हैं। धान के इन दानों को जमीन से उठा पाना पाना संभव नहीं हैं। इससे रबी के 90 फीसदी फसल के नुकसान की संभावना है। इससे परेशान किसान अब शासन-प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं।
जिला महासमुंद मुख्यालय से लगे ग्राम कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर, सोरिद और परसदा ब समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में अंधड़ और बारिश का भारी असर देखने को मिला है। तेज हवाओं और बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया और खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई। कई स्थानों पर धान के दानें जमीन पर झड़ जाने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार जिले के किसान रबी फसल के धान काटने की तैयारी में थे। बालियों के एक-एक दानें बहुत बढिय़ा ढंग से पके हुए थे और किसानों को अच्छी फसल की संभावना थी। काफी तादात में किसानों ने खुद की जमीन के अलावा रेग पर खेत लेकर रबी फसल लगाया था। किसान एक-दो दिन में धान काटने की तैयारी में थे कि आंधी बारिश और ओले ने फसल चौपट कर दी।
शाम की बारिश के बाद रात गुजरते ही जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो देखा कि आंधी ने धान के पौधों की कमर तोड़ दी है। जमीन पर गिरे धान के पौधों को उठाकर देखा तो खेत में पानी भरा है और बालियों से झडक़र दानें जमीन पर बिछे हुए हैं। यह तस्वीर ग्राम कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर के खेतों की है। किसी भी मेढ़ पर खड़े होने के बाद जहां तक नजर जाती है खेतों में धान सोए हुए हैं और खेतों के भीतर जाकर बालियां उठाकर देखने से किसान सहम जाते हैं। बालियों से अधिकांश दानें टूटकर जमीन पर बिछे हुए हैं।
जानकारी अनुसार अलग-अलग गांवों में 30 से 50 एकड़ तक फ सल प्रभावित हुई है। रेगहा पर खेत लेकर खेती करने वाले किसानों के लिए यह नुकसान और भी गंभीर साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह तैयार थी और एक-दो दिनों में कटाई होने ही वाली थी, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ा और आधे से अधिक फ सल बर्बाद हो गई। ऐसे में किसानों को खेत मालिक को भुगतान और खाद-बीज के खर्च की चिंता सता रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल सभी क्षेत्र के एसडीएम को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों के भरोसा दिया है कि आंकलन के बाद नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
गौरतलब है कि उस रात जिले के छह तहसीलों में औसतन 17.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। महासमुंद में 22 मिमी, बागबाहरा में 25 मिमी, पिथौरा में 10.1 मिमी, बसना में 12.6 मिमी, सरायपाली में 2 मिमी और कोमाखान में 32.6 मिमी वर्षा हुई है।


