महासमुन्द

गुढिय़ारी-बानीपाली तक पहुंची पराली आग, दर्जन भर से अधिक किसान प्रभावित
25-May-2026 4:36 PM
गुढिय़ारी-बानीपाली तक पहुंची पराली आग, दर्जन भर से अधिक किसान प्रभावित

घंटों मशक्कत कर ग्रामीणों ने बचाया अपना घर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 25 मई। जिले के बसना क्षेत्र में रबी फसलों की कटाई अंतिम चरण में है और धान कटाई के बाद खेतों में बचा पैरा हटाने किसानों द्वारा आग लगाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खेतों को शीघ्र साफ कर ट्रैक्टर से जुताई कराने की सुविधा के लिए लगाई जाने वाली आग अब दूसरे किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बनती जा रही है। तेज हवा और तूफान के बीच एक बार फिर ऐसी ही लापरवाही ने रविवार को नुकसान पहुंचाया। जिससे कई किसानों की तैयार धान फसल जलकर राख हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में एक दर्जन से अधिक किसानों की फसल प्रभावित हुई है। आज सुबह समाचार लिखे जाने तक आग फैलने की स्थिति बनी हुई थी। कल ग्राम भूकेल के गांव तालाब समीप किसी खेत में लगी आग हवा के कारण तेजी से फैलते हुए भूकेल के मांझाखार, बानीपाली खार और गुढिय़ारी खार तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी धान फसलों को अपनी चपेट में ले लिया।

गौरतलब है कि अभी भी बड़ी संख्या में किसानों के खेतों में धान की फसल कटी नहीं है और किसान हार्वेस्टर का इंतजार कर रहे हैं। समय पर हार्वेस्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण कई खेतों में पकी हुई फसल अभी भी खड़ी हुई है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके धान कट गये हैं और वे अपने खेतों में पड़ा पैरा जला रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि करीब डेढ़ सौ मीटर दूर से भी उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था। धुएं का गुबार इतना अधिक था कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ  होने लगी।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब आग की लपटें भूकेल के मतवारपारा स्थित घरों तक पहुंच गई। जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते लगभग 60 से 70 लोगों ने एकजुट होकर आग को रोकने का प्रयास नहीं किया होता तो कई मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। ग्रामीण घंटों तक आग बुझाने और उसे फैलने से रोकने में जुटे रहे। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से घरों को सुरक्षित बचाया जा सका।

ग्रामीणों ने बताया है कि करीब 50 फीट ऊंचाई तक पेड़ों की पत्तियां आग की तपिश से बुरी तरह झुलस गई। इसके अलावा गुढिय़ारी निवासी बंशीधर चौधरी के बोरवेल का प्लास्टिक पाइप और केबल जल गया। जिससे सबमर्सिबल पाइप और केबल सहित नीचे गिर गया और उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसा उठाना पड़ा।

इस घटना से एक दिन पहले ग्राम बरपेलाडीह खार में भी एक खेत में लगी आग तेज हवा के कारण गुढिय़ारी खार तक पहुंची थी और इस समय भी 40 से 50 ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत कर आग को नियंत्रित किया था। कल भी गांव तक पहुंचकर आग घरों को अपनी चपेट में ले सकती थी।

ग्रामीणों से मिली खबर अनुसार गांव के किसान नरेश पारेश्वर एक दिन पहले ही राइस मिल से 150 बोरा बारदाना लेकर आया था। कल वह धान कटाई की तैयारी था। हार्वेस्टर पहुंचता, उससे पहले ही आग की लपटें उनके खेत तक पहुंच गईं। आग से 150 बोरा धान उत्पादन की उम्मीद पर पानी फिर गया। हालांकि कुछ फसल को बचा लिया गया।

 इसी तरह किसान बालमुकुंद पारेश्वर ने खेत में ही धान की कटाई के बाद बोरे में लगभग 25 बोरा धान रखा था, जो आग की भेंट चढ़ गया। वहींं किसान त्रिलोचन के चार एकड़ में लगी धान फसल लगभग तीन एकड़ पूरी तरह राख हो गई। वहीं किसान मनोज पटेल का खेत भी खड़ी फसल समेत आग से नष्ट हो गया।


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