महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 7 मई। महासमुंद जिले के कोमाखान थाना अंतर्गत ग्राम उखरा और चंद्रपुर में ठगी और चोरी का एक मामला सामने आया है। जिसमें एक अज्ञात शातिर चोर ने परिजनों को अपनी बातों में उलझाकर और घर के मुखिया का नाम लेकर दो अलग-अलग घरों से सोने-चांदी के जेवरात और नगदी समेट लिए। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहली घटना ग्राम उखरा की है। प्रार्थी किसान भोजराम ठाकुर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अक्टूबर 2025 से तमिलनाडु में काम कर रहा था। 4 मई को वापस लौटा और अलमारी खोली, तो उनके होश उड़ गए। उनकी बेटी सुमन ठाकुर ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को जब वह और उसकी दादी घर पर थीं, तब एक अज्ञात व्यक्ति आया। उसने दावा किया कि भोजराम ने छड़-गिट्टी मंगवाई है और उसके 22 हजार रुपए देने हैं।
आरोपी ने परिवार से बोला कि भोजराम ने फ ोन पर बताया है कि अलमारी की चाबी पलंग के तकिए के नीचे रखी है। जब सुमन ने अपने पिता से बात कराने को कहा तो आरोपी ने मोबाइल मांगने का नाटक किया और घर के अंदर घुस गया। इस दौरान उसने नजर बचाकर अलमारी और बक्से से जेवर पार कर दिए। इसमें 15 हजार रुपए के अलावा सोने के टॉप्स, लकिट, चांदी का करधन, पायल और बिछिया शामिल है। दूसरी घटना में पीडि़त ने पुलिस को बताया कि वह 12 फ रवरी को ओडिशा काम करने गया था और 4 मई को वापस लौटा। जब उसने सामान खरीदने के लिए अलमारी खोली तो वहां से नगदी और पत्नी के जेवर गायब थे। पूछताछ करने पर उसके पिता ने बताया कि 16 फरवरी को एक व्यक्ति घर आया था। उसने बेटे का नाम लेकर कहा कि 3 क्विंटल छड़ लाने की बात हुई है और हमालों को पैसे देने हैं। इसके बाद उसने लघुशंका बाथरूम जाने का बहाना बनाया और घर के अंदर घुस गया। वापस आने के कुछ देर बाद वह वहां से चला गया। परिवार को अंदेशा है कि इसी दौरान उसने चोरी को अंजाम दिया। यहां से नकदी 12 हजार रुपए, जेवरात 5 ग्राम सोने की माला, 20 तोला चांदी की सांटी, 6 तोला चांदी की पायल आदि कुल मशरुका गायब मिले।
पुलिस ने दोनों ही मामलों में बीएनएस की धारा 331-4 और 305 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का मानना है कि दोनों चोरियों के पीछे एक ही शातिर अपराधी या गिरोह का हाथ हो सकता है जो बाहर काम करने गए लोगों के परिवारों को निशाना बना रहा है। विवेचना जारी है।


