महासमुन्द

घेराबंदी कर 28 बैल कराया मुक्त, 8 तस्कर हिरासत में
05-May-2026 3:10 PM
घेराबंदी कर 28 बैल कराया मुक्त, 8 तस्कर हिरासत में

ओडिशा ले जा रहे थे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 5 मई। महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर में ग्रामीणों की सजगता से घेराबंदी कर 28 बैलों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। सभी मवेशियों को ओडिशा के कत्लखाने ले जाया जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई में प्रार्थी कमलेश डडसेना और उनके साथियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

रविवार को जैसे ही कमलेश को सूचना मिली कि कुछ लोग बड़ी संख्या में बैलों को अत्यंत क्रूरता पूर्वक पीटते हुए ग्राम पिरदा की तरफ  से जामजुड़ा-कंचनपुर जंगल के रास्ते ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही कमलेश तुरंत अपने साथी मोहित साहू, दीपक पुरोहित, गुलशन, गिरधर पटेल, राजा अग्रवाल, नीलेश पटेल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित गौ सेवकों के साथ मौके के लिए रवाना हुए।

इन सभी ने साहस का परिचय देते हुए कंचनपुर तालाब के पास तस्करों को रोक लिया। वहां ग्रामीणों ने देखा कि  तस्करों का गिरोह बैलों को बेरहमी से खदेड़ते हुए ले जा रहा था। इस गिरोह की सुरक्षा और पुलिस की निगरानी रेकी करने के लिए आगे-आगे एक सफेद रंग की कार चल रही थी। युवाओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए कार और तस्करों को रोका।आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे इन पशुओं को ओडिशा स्थित कत्लखाने ले जा रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची सांकरा थाना पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों के सहयोग से मुक्त कराए गए सभी 28 मवेशियों को सुरक्षित गौशाला भिजवा दिया गया है। जिसें 28 नग बैल शामिल हैं।

मामले में आरोपियों के खिलाफ  छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 दर्ज कर सांकरा पुलिस ने आरोपियों के जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य संपर्कों और तस्करी के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।


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