महासमुन्द
डीईओ ने कहा-नहीं आने वाले शिक्षकों को करें कार्यमुक्त
लीक के बाद ली गई थी पुन: परीक्षा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,15अप्रैल। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हायर सेकेण्डरी परीक्षा 2026 के अंतर्गत हिंदी विषय का मूल्यांकन कार्य गंभीर संकट में घिर गया है। जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार मूल्यांकन केंद्र में परीक्षकों की भारी अनुपस्थिति दर्ज की गई है। इस लापरवाही के कारण न केवल मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। बल्कि समय पर परीक्षा परिणाम घोषित होने पर भी प्रश्न चिह्न लग गया है।
हायर सेकेण्डरी परीक्षा के हिंदी विषय कोड 010 की परीक्षा 10 अप्रैल को संपन्न हुई थी। इस दिन पेपर लीक हुई और परीक्षा रद्द कर दी गई और बाद में दुबारा परीक्षा हुई।
इसके बाद शासन के निर्देशानुसार इस महत्वपूर्ण विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 13 से 14 अप्रैल के बीच मात्र दो दिनों की अल्प समयावधि में पूर्ण किया जाना है। मूल्यांकन के पहले दिन कल 13 अप्रैल को स्थिति तब चिंताजनक हो गई जब ड्यूटी पर लगाए गए 104 परीक्षकों के मुकाबले केंद्र पर मात्र 62 शिक्षक ही उपस्थित हुए। शिक्षकों की इस 40 प्रतिशत से अधिक की कमी के कारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण होना असंभव प्रतीत हो रहा है। यदि मूल्यांकन कार्य में विलंब होता है, तो इसका सीधा असर परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा। जिससे विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई शुरू करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
लिहाजा जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को सख्त लहजे में निर्देशित किया है कि वे संबंधित सूची में शामिल समन्वय केंद्र महासमुंद भेजें। संबंधित शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर मूल्यांकन कार्य में उपस्थित होने हेतु निर्देशित करें। यदि शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
इस आदेश के साथ ही विभाग ने उन सभी 104 शिक्षकों की सूची भी जारी कर दी है जिनकी ड्यूटी लगाई गई थी। इन शिक्षकों में सेजेस, सरस्वती शिशु मंदिर और विभिन्न शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के व्याख्याता शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने इस लापरवाही की जानकारी कलेक्टर और सचिव को भेजी है। विभाग इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में मान रहा है।


