महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,1 फरवरी । पार्षद महेंद्र जैन ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि राज्य के समस्त निकायों की राजस्व की स्थिति काफी दयनीय है तथा निकायों में कार्य करने वाले कर्मचारी को वेतन के लाले पड़े हुए हैं उनके बावजूद भी जिस कार्य में पालिका का राजस्व मिलना है।
उक्त कार्य को लंबे समय तक लटकाए रखना समझ से परे है। वर्तमान में भवन अनुज्ञा पत्र जारी करने पर नगरपालिका को 15 से 20 हजार तक आमदनी होती है। ऐसा लगता है पालिका में बैठे लोगों को इसकी चिंता ही नहीं है। इन्हीं परिस्थितियों की वजह से शहर के आम लोग नगर पालिका में आवेदन करने की बजाय बिना अनुमति के घर एवं दुकानों के निर्माण करने में लगे हुए हैं और ऐसे लोगों को पालिका में बैठे लोगों का खुल्लम खुल्ला संरक्षण प्राप्त होता है ताकि उनसे भी उक्त लोगों को मोटी रकम कमाने का अवसर प्राप्त हो सके।
महासमुंद नगर पालिका के भाजपा पार्षद महेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भवन अनुज्ञा पत्र ऑनलाइन जमा करने वालों लोगों को तत्काल भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र जारी करने संबंधी निर्देश पर कहा है कि उनके निर्देश के एक माह बाद भी शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। इस तरह यह घोषणा कागज की नाव की तरह साबित हो रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा भी फाइलों में दबकर ही रह जाती है।
महासमुंद नगर पालिका में भवन निर्माण अनुज्ञा के अनेक आवेदन महीनों से लंबित है जिस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
महेंद्र जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पार्षद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर महासमुंद को आने वाले दिनों में सौंपेंगे तथा यह मांग करेंगे कि भवन निर्माण अनुज्ञा में जो सरलीकरण किया गया है, उस आधार पर आम लोगों को उक्त घोषणा का लाभ प्राप्त हो सके और उन्हें जल्द से जल्द निर्माण अनुज्ञा पत्र जारी किया जा सके उसके बावजूद भी अगर इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता है तो नगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी का घेराव करेंगे।


