महासमुन्द
मंदिर से होते हुए पिछले हिस्से की पहाडिय़ों तक जाकर भटका डॉग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 1 फरवरी। बागबाहरा के घुंचापाली स्थित प्रसिद्ध चंडी मंदिर में चोरी हो गई। रविवार की देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर के पीछे के दरवाजे से प्रवेश किया और माता के सोने का नथ और मांग टीका सहित दानपेटी तोडक़र ले गए।
सीसीटीवी के मुताबिक चोरों ने पहले माता को प्रणाम किया, फिर दान पेटी तोड़ी और उसमें से 70-75 हजार रुपए रकम लेकर करीब 2.30 बजे पीछे पहाड़ी के रास्ते से भाग निकले। पुलिस ने पतासाजी के लिए डॉग स्क्वॉड का भी सहारा लिया था, लेकिन डॉग मंदिर से होते हुए पिछले हिस्से की पहाडिय़ों तक जाकर भटक गया। डॉग स्क्वॉड के जरिए पुलिस को कोई खास मदद नहीं मिल पाई है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के अलावा और कोई सुराग नहीं मिला है। सीसीटीवी फुटेज में जो चोर नजर आ रहे हैं, उन्होंने चेहरा कपड़े से छिपाया हुआ था, वहीं कद-काठी देखकर पुलिस का अनुमान है कि चोरों की उम्र 30 से 35 साल के बीच की है।
रविवार की देर रात अज्ञात चोरों ने चंडी मंदिर के पीछे के दरवाजे से प्रवेश किया और माता के सोने का नथ और मांग टीका सहित दानपेटी तोडक़र करीब 70-75 हजार रकम की चोरी कर ली। सोने के आभूषण का वजन 26 ग्राम है। जिसकी कीमत करीब 1 लाख आंकी गई है। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। सुबह मंदिर का पुजारी जब मौके पर पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पुजारी ने चोरी की जानकारी मंदिर प्रबंधन के पदाधिकारियां को दी। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी मेघा टेंभुरकर सहित एसडीओपी बागबाहरा, थाना प्रभारी, सायबर सेल और डाग स्च्ॉड मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए।
थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल ने बताया कि रविवार की रात करीब 1 बजे के तीन चोर मंदिर के पिछले हिस्से से भीतर पहुंचे। एक आरोपी बाहर पहरा दे रहा था, दो चोरी कर रहे थे। चोर करीब डेढ़ घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद थे। इस दौरान चोरों ने पहले माता को प्रणाम किया, इसके बाद दान पेटी को तोडक़र उसमें से 70-75 हजार रुपए रकम की चोरी की। करीब 2.30 बजे तीनों पीछे पहाड़ी के रास्ते से भाग निकले।
पहले भी हो चुके है अन्य मंदिरों में चोरी
मालूम हो कि जिले के मंदिरों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। कोतवाली से महज 200 मीटर दूरी पर स्थित हनुमान मंदिर में 6 महीने में दो बार चोरी हो चुकी है, आरोपी अब तक पकड़े गए। 9 जनवरी 2019 को जिला मुख्यालय से लगे बिरकोनी के चंडी मंदिर में माता के आभूषण, दानपेटी से रकम की चोरी हुई थी। 23 सितंबर 2021 को शहर के जैन मंदिर में भी मुकुट, दान पेटी से नकदी समेत करीब 2 लाख रुपए से अधिक की चोरी हुई थी। तीनों ही मामलों में फुटेज के अलावा कोई सुराग नहीं मिला।
चौकीदार छुट्टी पर
चंडी मंदिर की सुरक्षा के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और सुरक्षा के लिए एक चौकीदार की नियुक्ति भी की गई है। इस मंदिर के चौकीदार पिछले कुछ दिनों से अवकाश पर है, वहीं मंदिर से कुछ दूरी पर ही यज्ञ शाला स्थित है, जहां मंदिर का पुजारी और तीन कर्मचारी सो रहे थे, लेकिन किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई। घटना को देखते हुए पुलिस की एक टीम डॉग को लेकर मौके पर पहुंची। डॉग मंदिर से होते हुए पिछले हिस्से की पहाडिय़ों तक गया और फिर भटक गया। डॉग के जरिए पुलिस को कोई खास मदद नहीं मिल पाई है। वहीं पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज के अलावा और कोई सुराग नहीं मिला है। सीसीटीवी फुटेज में जो चोर नजर आ रहे हैं, उन्होंने चेहरा कपड़े से छिपाया हुआ था।
2021 में 98 मामले सुलझ पाए
मालूम हो कि वर्ष 2021 में चोरी के सर्वाधिक मामले जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज किए गए। साल 2021 में जिले में 158 चोरियां हुई, जिसमें से केवल 98 मामले सुलझ पाए। साल 2020 में 108 और साल 2019 में चोरी के 132 मामले दर्ज किए गए थे। दो साल पहले ही घुंचापाली के काली मंदिर में चोरी हुई थी। चोर यहां से दान पेटी चुराकर ले गया था। कुछ दिन बाद दान पेटी पास में ही पड़ी मिली, लेकिन आरोपी का कोई सुराग आज तक नहीं मिला।
तंत्र साधना के लिए मशहूर केंद्र था
बताना जरूरी है कि यही वह घुंचापाली पहाड़ी स्थित चंडी मंदिर है जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि दूसरे प्रदेशों में भी काफी फेमस है। नवरात्र के अलावा यहां साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां रोज भालू आते हैं। कई लोग इन भालुओं को भी देखने के लिए पहुंचते हैं। बागबाहरा ब्लॉक मुख्यालय से चार किलोमीटर की दूरी पर घुंचापाली की पहाड़ी में स्थित माता का यह मंदिर पहले तंत्र साधना के लिए मशहूर हुआ करता था।


