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बिलासपुर 14 अप्रैल। अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 24 घंटे में जिले में कोरोना संक्रमित नए मरीजों की संख्या 1022 पहुंच गई। इस बीच 17 पीड़ितों की मौत भी हो गई। जिले में तेजी से बिगड़ती हुई स्थिति के बीच आज से लॉकडाउन शुरू हो गया है जो अगले बुधवार तक रहेगा। आज ही मुंगेली जिले और गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में भी लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। कोरबा में पहले से ही लॉक डाउन है और जांजगीर में कल शाम से 23 अप्रैल तक लॉकडाउन शुरू हो चुका है इस तरह से पूरे संभाग में इस समय लॉक डाउन है।
5 अप्रैल को जहां 492 मरीज मिले थे। 10 अप्रैल को 897 मरीज मिले और बीते 7 दिनों के भीतर यह आंकड़ा 1022 पहुंच गया। अप्रैल महीने में ही संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 6000 हो गई है।
शहर के रिंग रोड, पत्रकार कॉलोनी, चंदेला नगर, भारतीय नगर, हेमू नगर, बिनोवा नगर, तालापारा, सरकंडा, इमली पारा, रामा ग्रीन सिटी, शुभम विहार, आर्या कॉलोनी, 27 खोली, गीता पार्क, साईं नगर, शांति नगर, बंगाली पारा, सरकंडा, राजकिशोर नगर, जूना बिलासपुर, इमलीभाठा, शंकर नगर, कंस्ट्रक्शन कॉलोनी, वायरलेस कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी, तोरवा आदि में कोरोना के नए मरीज मिले।
13 दिन में 125 की मौत
महामारी के चलते 1 अप्रैल से लेकर 13 अप्रैल के बीच 125 लोगों की विभिन्न अस्पतालों में मौत हो गई, जिनमें से 82 बिलासपुर जिले के रहने वाले हैं। कल जिन 17 लोगों की मौत हुई उनमें श्रीराम केयर अस्पताल में भर्ती 27 साल के युवक सहित 45, 50, 60, 65 तथा 77 वर्ष के मरीज थे। इंदिरा कॉलोनी तार बाहर निवासी 80 साल के वृद्ध की भी मौत हुई। इन मृतकों में 11 बिलासपुर जिले के रहने वाले हैं।
मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए और अस्पतालों में चरमराती व्यवस्था को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने 17 एसडीएम की अलग-अलग अस्पतालों में ड्यूटी लगाई है। ये अधिकारी मरीजों और अस्पताल प्रबंधन के साथ समन्वय करके उपचार की व्यवस्था करेंगे तथा शिकायतों का निराकरण करेंगे। नगर निगम ने लॉकडाउन के दौरान इमरजेंसी सेवाओं के लिए अधिकारियों का मोबाइल नंबर जारी किया है। आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों तथा इमरजेंसी में दवा के लिए लोगों से सूचना मिलने पर उनकी मदद की जाएगी। इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी विकास भवन में बना दिया गया है। जरूरतमंदों के लिये सूखा राशन भी वितरित किया जाएगा।
लॉकडाउन शुरू होते ही सूनी हुई सड़कें
सुबह लॉकडाउन शुरू होने के बाद पुलिस की सख्त चौकसी के बीच सड़कें सूनी हो गई। कल शाम को पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया था। इमरजेंसी सेवाओं को छूट दी गई है। अस्पतालों में मरीजों के लिए खाना व दवाइयां पहुंचाने वालों तथा वैक्सीनेशन कराने वालों को पहचान पत्र दिखाने पर आने-जाने की छूट रहेगी। जिले से बाहर जाने वालों के लिए ई पास जारी किया जाएगा। पेट्रोल पंप पेट्रोल पंप मालिकों से कहा गया है कि बिना पहचान पत्र के पेट्रोल न दें।
वैक्सीनेशन की गति धीमी हुई
बढ़ते संक्रमण के बीच वैक्सीनेशन का काम भी प्रभावित हुआ है। कहा जा रहा है कि बहुत से लोग भय की वजह से टीकाकरण के लिए नहीं निकले। रोजाना 22 हजार 500 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है लेकिन 8872 लोगों ने ही मंगलवार को टीका लगवाया। अन्य दिनों में यह संख्या 12 से 13000 के बीच रही है।
सामान्य इलाज बंद
संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा डॉक्टर एवं स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा रही है जिसके चलते अन्य चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ा है। जिला अस्पताल और सिम्स चिकित्सालय में केवल इमरजेंसी इलाज की सुविधा रहेगी। ओपीडी, मेजर ऑपरेशन थिएटर, नसबंदी, मोतियाबिंद आदि का ऑपरेशन रोक दिया गया है। प्रसव और दुर्घटना में घायल लोगों के इलाज किया जायेगा।
सिम्स में भी बनेगा कोविड अस्पताल
इस समय बिलासपुर के संभागीय कोविड अस्पताल में कोरोना मरीजों की भर्ती की सुविधा है जबकि सिम्स में सिर्फ रिपोर्ट आते तक आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। वहां ऐसे मरीज रखे जाते हैं जिनका अन्य बीमारी का इलाज भी चलता है। अब स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सिम्स में 120 कोविड उपचार बेड के लिये 3 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। विधायक शैलेष पांडे ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि यह पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा कोविड उपचार की व्यवस्थाओं के लिये आबंटित पांच करोड़ रुपये के अतिरिक्त है।


