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शहर की सीमा से सटे धनेली में एक महीने में कोरोना से 22 मौतें, जांच के लिए पहुंची मेडिकल टीम को लौटाया
10-Apr-2021 2:08 PM
शहर की सीमा से सटे धनेली में एक महीने में कोरोना से 22 मौतें, जांच के लिए पहुंची मेडिकल टीम को लौटाया

केन्द्रीय टीम भी गई, कहा-ठोस कदम नहीं उठाए, तो हालात भयावह होंगे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 अप्रैल।
रायपुर शहर की सीमा से सटे धनेली गांव में एक माह के भीतर कोरोना से 22 लोगों की मौत हो गई है। लोग अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। शुक्रवार को तो मेडिकल टीम को लौटा दिया गया। न सिर्फ धनेली बल्कि आसपास के गांवों में भी कोरोना से रोज मौतें हो रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम रायपुर में है, और आसपास के इलाकों का दौरा किया। टीम ने हालात को चिंताजनक करार दिया, और कहा है कि यदि कोरोना के रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात भयावह हो सकते हैं। 

रायपुर शहर की सीमा से सटा धनेली गांव, धरसींवा विधानसभा का हिस्सा है। करीब पौने दो हजार की आबादी वाले इस गांव में कोरोना बुरी तरह फैल चुका है। एक जानकारी के मुताबिक कोरोना से अब तक गांव के 22 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को मेडिकल टीम पहुंची, तो गांव के लोगों ने विरोध कर वापस जाने को मजबूर कर दिया। लोगों के विरोध के बाद शनिवार को गांव में पुलिस टीम पहुंची है।
 
बताया गया कि धनेली की महिला सरपंच मनोरा बाई के पति, सास और बेटे की मृत्यु भी कोरोना से हुई है। धरसींवा जनपद के पूर्व सभापति योगेन्द्र सोलंकी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि न सिर्फ धनेली बल्कि बीरगांव, रावाभाटा और उरला में भी बड़े पैमाने पर कोरोना पीडि़त हैं। लोग इलाज के लिए अस्पताल नहीं जा रहे हैं। लक्षण दिखने पर मेडिकल स्टोर से दवाई लेकर खुद इलाज कर रहे हैं। 

कोरोना पीडि़त लोगों की मृत्यु के बाद शव लेने के लिए दो-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, और अस्पताल की भी हालत बुरी है। यह सब देखकर गांव वाले अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम भी धनेली गांव गई थी। टीम के सदस्य डॉ. निशांत ने हालात को चिंताजनक बताया है। केन्द्रीय टीम के सदस्य डॉ. निशांत ने शनिवार को सांसद सुनील सोनी से मुलाकात की, और उन्हें तमाम स्थिति की जानकारी दी है। 

माइक्रोलेवल पर टेस्ंिटग जरूरी
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के सदस्य डॉ. निशांत ने प्रभावित इलाकों में ज्यादा से ज्यादा आरटीपीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत पर जोर दिया है। सांसद सुनील सोनी से चर्चा में उन्होंने ज्यादा से ज्यादा संख्या में वैक्सीन लगाने की सलाह दी है। 

केन्द्रीय टीम का मानना है कि वैक्सीन को लेकर विशेषकर ग्रामीण इलाकों में भ्रम की स्थिति है, जिसे दूर करने की जरूरत है। यह भी कहा गया कि संक्रमित इलाकों से प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में वापस आ रहे हैं। उनकी जांच के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। मगर ऐसा नहीं हो रहा है, और वे सीधे घर जा रहे हैं, और अन्य लोग भी संक्रमित हो रहे हैं। केन्द्रीय टीम का मानना है कि जल्द ही स्थिति को सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हालात भयावह हो सकते हैं। 


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