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कानपुर : ह्रदय संस्थान के ICU में लगी भीषण आग, खिड़की तोड़कर बेड समेत बाहर निकाले गए मरीज
28-Mar-2021 10:29 AM
कानपुर : ह्रदय संस्थान के ICU में लगी भीषण आग, खिड़की तोड़कर बेड समेत बाहर निकाले गए मरीज

-श्याम तिवारी

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर के हृदय रोग संस्थान के आईसीयू में भीषण आग लग गयी. आग लगने की सूचना पर आईसीयू में एडमिट मरीजों को आनन-फानन में खिड़की तोड़कर बेड समेत बाहर निकाला गयातुरंत बाहर निकाला गया. आग लगने की सूचना पर दमकल की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग को काबू करने में जुटी हैं. फिलहाल किसी के हताहत होने की  खबर नहीं. आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चला पता. फर्स्ट फ्लोर स्थित आईसीयू से धुंआ निकल रहा है.

एसपी वेस्ट ने बताया कि आईसीयू से सभी मरीजों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. बाकी मरीजों और तीमारदारों को बाहर निकाला जा रहा है. हमारी पहली प्राथमिकता मरीजों की सुरक्षा है. आग लगने की वजह अभी पता नहीं चली है.

आग पर पाया गया काबू
बता दें अस्पताल में आग लगने की सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने सीढ़ियों की मदद से मरीजों को बाहर निकाला. फ़िलहाल कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है. सभी मरीज सुरक्षित हैं. खिड़कियों को तोड़कर धुंआ बाहर निकाला जा रहा है.
कमिश्नर ने कही जांच की बात

मरीजों के मुताबिक आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी. जो बड़ी तेजी से पूरे आईसीयू और अन्य बिल्डिंग में भी फ़ैल गई. पुलिस कमिशनर असीम अरुण ने बताया कि सुबह 7.55 पर आग लगने की सूचना मिली थी. जिसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम पहुंची और आग पर काबू पाया. अगर इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.

सीएम योगी ने गठित की जांच समिति 

मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हृदय रोग संस्थान में हुई आग की दुर्घटना को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन से सभी घायलों को समुचित इलाज कराने तथा इस संबंध में तथ्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिया है. इसके साथ साथ जांच के लिए उन्होंने एक उच्च स्तरीय समिति डीजी फ़ायर सर्विस और प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व कमिश्नर कानपुर की गठित की है जो तत्काल मौक़े पर जाकर संपूर्ण तथ्यों की जांच करेगी. उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जैसे पूर्व में सभी अस्पतालों में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए थे पुनः से सभी अस्पतालों में जांच करा ली जाए ताकि इस तरह की दुर्घटना कहीं अन्य अस्पताल में न हो.


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