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ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर एअर इंडिया के पायलट्स ने जानकारी मांगी है. भारत में अब तक ब्रिटेन से लौटे 6 लोग संक्रमित पाए गए हैं.
नई दिल्ली, 29 दिसंबर | एअर इंडिया के पायलटों ने ब्रिटेन में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर जानकारी मांगी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक पायलटों ने इस संबंध में पत्र लिखकर एयरलाइंस के प्रबंधन से मांग की है कि उन्हें ब्रिटेन में पाए गए सार्स-सीओवी -2 (SARS-Cov-2) के अलग-अलग फाइटोलैनेटिक क्लस्टर का विवरण दिया जाए. संचालन के निदेशक को मंगलवार को लिखे पत्र में, उन्होंने बताया कि महामारी की शुरुआत से एअर इंडिया ने राहत मिशनों के लिए, आवश्यक कार्गो फेरी और दुनिया भर में निकासी और प्रत्यावर्तन उड़ानों का संचालन किया है. इसलिए, पायलटों को उन सभी सूचनाओं की आवश्यकता होती है जो उन्हें Sars-CoV-2 वायरस के नए स्ट्रेन के बारे में दी जा सकती हैं जो कोरोना वायरस रोग (कोविड -19) का कारण बनता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन 70% तेजी से फैल सकता है. पत्र में लिखा गया, “कंपनी कोविड -19 से संबंधित सूचना की जानकारी देने के लिए कर्तव्यबद्ध है. इस संबंध में, हम मांग करते हैं कि कंपनी प्रयोगशालाओं से जानकारी ले और सभी पायलटों के साथ-साथ संक्रमित पाए जाने वाले पायलटों को साथ ही साथ भविष्य में जो भी पायलट इस घातक वायरस के संपर्क में आ सकते हैं उन्हें भी सूचित करे. हम देश के हित में एअर इंडिया और उनके परिवारों के फ्रंटलाइन वर्कर्स से यह सुनिश्चित करने की मांग करते हैं कि ताकि ये घातक वायरस हमारे घरों तक न पहुंच सके और उम्मीद है कि कंपनी और सरकार इससे जुड़ी जरूरी जानकारी तुरंत प्रदान करने में संकोच नहीं करेंगे.''
अब तक ब्रिटेन से लौटे 6 लोग पाए गए संक्रमित
बता दें ब्रिटेन से भारत लौटे छह लोगों के नमूनों में अब तक सार्स-सीओवी2 का नया स्वरूप (स्ट्रेन) पाया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान अस्पताल (निमहांस) में जांच के लिए आए तीन नमूनों, हैदराबाद स्थित कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) में दो नमूनों और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में एक नमूने में वायरस का नया स्वरूप पाया गया.
मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों ने इन सभी लोगों को चिह्नित स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में अलग पृथक-वास कक्षों में रखा है और उनके संपर्क में आए लोगों को भी पृथक-वास में रखा गया है. उसने बताया कि इन लोगों के साथ यात्रा करने वाले लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है. अन्य नमूनों का जीनोम अनुक्रमण किया जा रहा है.
सबसे पहले ब्रिटेन में मिला वायरस का नया स्वरूप डेनमार्क, हॉलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में भी पाया गया है.


