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किसान आत्महत्या, धान खरीदी में अव्यवस्था पर सदन गरम, भाजपा सदस्य गर्भगृह में घुसे, निलंबित
21-Dec-2020 2:57 PM
किसान आत्महत्या, धान खरीदी में अव्यवस्था पर सदन गरम, भाजपा सदस्य गर्भगृह में घुसे, निलंबित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 दिसंबर।
धान खरीदी और किसान आत्महत्या मसले पर सोमवार को विपक्षी सदस्यों के काम रोको प्रस्ताव पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस पर सरकार के जवाब में असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते गर्भगृह में चले गए, और सदन की कार्रवाई से निलंबित हो गए। 

भाजपा सदस्यों ने धान खरीदी में अव्यवस्था का मामला उठाया। भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा, अजय चंद्राकर, नारायण चंदेल और अन्य सदस्यों ने काम रोको प्रस्ताव की सूचना दी, और तुरंत चर्चा कराने की मांग की। भाजपा सदस्य नारायण चंदेल ने कहा कि पहली बार किसानों की खेत चोरी हो रही है। उन्होंने गिरदावरी में गड़बड़ी का जिक्र किया। भाजपा सदस्यों ने ग्राम तोरला के किसान प्रकाश तारक, केन्द्री के कमलेश साहू, ग्राम हरदी के लीलूराम पटेल और दुर्ग जिले के दुर्गेश कुमार निषाद की आत्महत्या का मामला उठाया, और आरोप लगाया कि कर्ज नहीं पटा पाने के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। 
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने इस बात से इंकार किया कि प्रदेश में किसान सर्वाधिक पीडि़त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की स्थिति सुदृढ़ करने के लिए अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के कर्ज माफ किए गए। गत वर्ष 14 हजार करोड़ से अधिक के धान खरीदे गए। करीब 6 हजार करोड़ रूपए किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया गया। 

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति से उत्साहित होकर साढ़े 21 लाख किसानों द्वारा अपना पंजीयन धान बेचने के लिए कराया गया। सहकारिता मंत्री ने कहा कि करीब साढ़े 28 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है। उन्होंने कर्ज अदा न कर पाने के कारण आत्महत्या को भी गलत बताया। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रकाश तारक ने बैंक से कोई ऋण नहीं लिया। इसी तरह धमधा के लीलूराम पटेल और प्रकाश साहू ने भी बैंक से किसी तरह का ऋण नहीं लिया गया था।
 
घुमका के किसान करन साहू द्वारा धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्र में धान लाया गया था, और धान खरीदा भी गया। इसी बीच तबीयत बिगडऩे के कारण चिकित्सा सहायता के लिए करन साहू को चिकित्सालय भेजा गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने किसानों में किसी तरह की नाराजगी से इंकार किया। मंत्री के जवाब से विपक्षी भाजपा सदस्य संतुष्ट नहीं हुए, और नारेबाजी शुरू कर दिए। इसके बाद गर्भगृह में चले गए। सदन की कार्रवाई से स्वमेव निलंबित हो गए। 


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